
जोधपुर.
राजस्थान रोडवेज की चक्काजाम हड़ताल 10वें दिन बुधवार को भी जारी रही। इससे यात्रियों को जहां परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं रोडवेज को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के चलते प्राइवेट बसों वाले यात्रियों से दुगुना किराया वसूल रहे हैं। एेसे में यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। निजी बस संचालकों की मनमानी के चलते यात्री स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
राजस्थान स्टेट रोङवेज एम्प्लॉयज यूनियन एटक के प्रदेश सचिव लक्ष्मणसिंह राजपुरोहित ने बताया कि यातायात मंत्री युनुस खान रोडवेज बसों की हड़ताल के चलते वैकल्पिक व्यवस्था के बयान दिए हैं, जबकि वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर चल रही बसें पहले से ही अवैध संचालित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर से अजमेर का रोडवेज बस में किराया 205 रुपए व जयपुर का किराया 330 रुपए है। प्राइवेट बसों में जोधपुर से अजमेर का किराया 450 रुपए व जयपुर के 550 वसूला जा रहा है। एेसे में यात्रियों को दुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की इस पीड़ा
को समझने वाला कोई नहीं है।
केन्द्रीय कार्यशाला के कर्मचारी आज अवकाश पर
रोडवेज के संगठनों के संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में चल रही हड़ताल 10वें दिन भी जारी रही। एक भी बस स्टेण्ड से नहीं चली। मुख्यालय के 266 कर्मचारियों सहित जोधपुर केन्द्रीय कार्यशाला के 11 कर्मचारी गुरुवार को हड़ताल के समर्थन में सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। आगार कार्यालय के 45 कर्मचारियों ने भी सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय लिया है। इससे पूर्व बुधवार को धरने को संबोधित करते हुए मोर्चा के प्रदेश सचिव लक्ष्मणसिंह राजपुरोहित ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में रोङवेज बचाओ रोजगार बचाओ अभियान के तहत संघर्ष जारी है और मांगें नहीं माने जाने तक जारी रहेगा। सभा को सुबोधकांत वाष्र्णेय, घीसूलाल राजपुरोहित, बुद्धाराम डूडी, रामेश्वर शर्मा, पुखराज भाटी, रहीम खान, नरसिंह आदि ने संबोधित किया।