
जोधपुर. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद सैनिटाइजर व मास्क की बिक्री में एकाएक उछाल आ गया है, जबकि पहले चरण की पाबंदियां कम होने के साथ पिछले तीन-चार माह में इनकी मांग लगभग ८० फीसदी घट गई थी। अब अकेले जोधपुर में ही रोजाना सैनिटाइजर की करीब साढ़े सात लाख रुपए व डेढ़ लाख रुपए के मास्क की बिक्री हो रही है।
जिले की लगभग तीन हजार दवा दुकानों के अलावा जनरल स्टोर पर भी सैनिटाइजर व मास्क बिक रहे हैं। दवा की दुकानों पर ही प्रतिदिन अनुमानत: सैनिटाइजर की ५० एमएल की १५ हजार बोतलें बिक रही हैं, जबकि औसतन ३० हजार मास्क की बिक्री हो रही है। ये तेजी कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण बढऩे के बाद आई है।
चालान का भी डर
मास्क की बिक्री बढऩे का कारण लोगों में चालान का डर भी है। बिना मास्क पाए जाने पर नगर निगम के दस्तों के अलावा पुलिस भी चालान काट रही है। ऐसे में हर व्यक्ति चालान के डर से ही सही, मास्क जरूर रख रहा है। जानकारों का कहना है कि अनलॉक के बाद लोगों ने सैनिटाइजर व मास्क को एक तरह से भुला ही दिया था, लेकिन अब जरूर इस्तेमाल बढऩे लगा है।
जालोरीगेट स्थित दवा की एक दुकान के सेल्समैन लाल मोहम्मद का कहना है कि अनलॉक के बाद सैनिटाइजर व मास्क की बिक्री नाममात्र की रह गई है, जबकि पिछले साल लॉकडाउन के दौरान सैनिटाइजर व मास्क की पूर्ति करना भी मुश्किल हो रहा था। फार्मासिस्ट विदेश भंडारी के अनुसार आम लोग तो अब से पहले सैनिटाइजर बहुत कम मांग रहे थे, लेकिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व औद्योगिक इकाइयों में जरूर नियमित सप्लाई हो रही थी।
इनका कहना है....
जिले में दवा की करीब ३ हजार दुकानें हैं। एक दुकान पर रोजाना १०० या ५० एमएल की पांच सैनिटाइजर की बोतल की बिक्री तो आसानी से हो रही है। इसी तरह प्रत्येक दुकान में प्रतिदिन १० मास्क भी बिक रहे हैं। पहले यह डिमांड घट गई थी। अब दूसरी कोरोना लहर के बाद डिमांड बढ़ी है।
-हरीश दरियाणी, सचिव, जोधपुर कैमिस्ट एसोएिसशन