
जोधपुर. हरियाणा की नृत्यांगना सपना चौधरी के कार्यक्रम को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को ऐनवक्त पर एक बार फिर गहरा गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए निर्धारित राशि में से 8.52 लाख रुपए की जगह 2.91 लाख रुपए का डीडी ही पुलिस में जमा कराने पर पुलिस जाब्ता ऐनवक्त पर हटा लिया गया। जिसके चलते कार्यक्रम बाउंसरों के भरोसे हो गया है। हालांकि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जाब्ते को शास्त्रीनगर थाने में अलर्ट पर रखा गया।
5.61 लाख रुपए कम जमा कराने पर हटाया जाब्ता
हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस को कार्यक्रम के लिए अनुमति जारी करनी पड़ी थी। इसके बाद कानून-व्यवस्था के लिए एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, चार सहायक पुलिस उपायुक्त, पांच निरीक्षक, दस उप निरीक्षक, 15 हैड कांस्टेबल व 150 कांस्टेबल की आवश्यकता जताई थी। जिसका शुल्क 8,52,359 रुपए जमा कराने थे, लेकिन आयोजनकर्ता ने 2.91 लाख रुपए का डीडी ही जमा कराया। यह राशि गत दस जून को प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए पुलिस ने आयोजनकर्ता को जमा कराने के लिए बताई थी, लेकिन फिर पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में जाने से पहले इसी कार्यक्रम के लिए गत नौ जून को पुलिस ने सिर्फ 5 उप निरीक्षक और 60 कांस्टेबल तैनात करने की आवश्यकता जताई थी।
कमिश्नर कार्यालय से लौटाया डीडी
आयोजनकर्ता सम्पत पूनिया ने पुलिस कमिश्नर के नाम 2.91 लाख रुपए का डीडी बनवाकर गुरुवार अपराह्न कमिश्नर कार्यालय में जमा करवा दिया। बदले में रसीद भी प्राप्त कर ली। डीडी के साथ दस जून को प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए दर्शाई राशि की फोटो प्रति लगा दी। यह डीडी उच्च अधिकारी तक पहुंचा तो भौंहें तन गई। तय राशि से 5.61 लाख रुपए कम जमा कराने का पता लगते ही आयोजनस्थल पहुंचे पुलिस जाब्ते को हटाकर शास्त्रीनगर थाने भेज दिया गया। साथ ही डीडी को भी आयोजनकर्ता को लौटाने के लिए शास्त्रीनगर थानाधिकारी को दे दिया गया।
आयोजनकर्ता का मोबाइल बंद, पुलिस तलाश में
पुलिस जाब्ता आयोजनस्थल पहुंचने के बाद अचानक हटा लेने को लेकर कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खतरा उत्पन्न हो गया। पूरा कार्यक्रम बाउंसरों के भरासे हो गया। उधर, आयोजनकर्ता का मोबाइल बंद हो गया। पुलिस उससे सम्पर्क करने का प्रयास कर रही थी, लेकिन रात तक बात नहीं हो पाई।
राशि पूरी जमा नहीं कराई तो जाब्ता नहीं दिया
कार्यक्रम में सुरक्षा के लिए जाब्ता उपलब्ध कराने को 8.52 लाख रुपए जमा कराने थे, लेकिन आयोजनकर्ता ने सिर्फ 2.91 लाख रुपए का डीडी ही जमा कराया। ऐसे में जाब्ता मुहैया नहीं कराया गया है। डीडी भी लौटाया जा रहा है।
अमित सिहाग, थानाधिकारी, पुलिस थाना शास्त्रीनगर (जोधपुर)