
बनाड़. सारण नगर ओवरब्रिज जिसके शुरू होने का बनाड़ व मंडोर क्षेत्र की जनता को बेसब्री से इंतजार है, लेकिन ब्रिज का काम दिनों दिन लम्बा खींचता ही जा रहा है। हालात यह है कि पिछले दिनों जेडीए आयुक्त के कुछ ही दिनों में काम पूरा करने के दावे के बाद एक बार फिर ब्रिज पर काम रोक दिया गया है। पिछले कुछ दिन से यहां कंक्रीट डाल कर सडक़ बनाने का काम चल रहा था, लेकिन अब वह भी रोक दिया गया है।
शहर के बनाड़ क्षेत्र को माता का थान एरिया से जोडऩे वाला ओवरब्रिज का काम कछुआ चाल को भी मात देता जा रहा है। पिछले छह माह में दो बार इसको शुरू करने की कवायद हुई लेकिन यह मूर्त रूप नहीं ले पाई। जोधपुर विकास प्राधिकरण का ठेकेदार कुछ दिन इसका काम करवाता है और फिर कुछ दिन काम बंद कर दिया जाता है। स्थानीय जनता में ओवरब्रिज के लम्बे खींचते काम के कारण परेशानी बनी हुई है। खास बात यह है कि तकनीक और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े होने के बावजूद अधिकारी इसे समय पर पूरा करने की ओर ध्यान नहीं दे रहे।
अपने तय समय से चार माह देरी से है ब्रिज
इस ब्रिज का काम दिसम्बर-जनवरी तक पूरा करने के निर्देश थे। लेकिन बीच में तकनीकी खामी के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब चार माह बाद भी ब्रिज का काम पूरा होता नहीं दिख रहा। हालांकि दावा तो है कि इसी माह इस ब्रिज को शुरू कर दिया जाएगा।
१७०० मीटर में से १५० मीटर पर चल रहा काम
इस ओवरब्रिज की पूरी लम्बाई 1700 मीटर है। लेकिन एक ओर करीब १५० मीटर पर कंक्रीट और डामरीकरण का काम चल रहा है। गौरतलब है कि इसकी पूरी लागत ७३ करोड़ रुपए है। कई बार इसकी औपचारिक शुरुआत की तारीख आई और फिर इसे टाल दिया गया। इससे खफा होकर लोगों ने कई बार नाराजगी भी जाहिर की। स्थानीय लोगों ने एक तरफा यातायात भी अपने स्तर पर शुरू कर दिया। लेकिन जेडीए ने उसे भी हरी झंडी नहीं दी।
अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं
सडक़ बनाने का काम चल रहा है। बजरी व अन्य सामान की उपलब्धता के कारण देरी हो रही है। लेकिन ब्रिज को शुरू करने का अंतिम निर्णय अंतिम फिजिकल इंस्पेक्शन रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा।
जीपीएस चौहान, अधिशासी अभियंता,जेडीए