
जोधपुर . शहर के बनाड़ क्षेत्र को माता का थान इलाके से जोडऩे वाला ओवरब्रिज अब तक जनता के लिए नहीं खोला गया है। छह माह में दो बार इसको शुरू करने की कवायद हुई, लेकिन हर बार कार्यक्रम खिसका दिया गया। परेशान होकर स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर भी इसे शुरू कर दिया, लेकिन जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए)की औपचारिकताएं पूरी होने का नाम नहीं ले रही।
सारण नगर ओवरब्रिज का काम पिछले लम्बे समय से चल रहा है। कई बार बीच में इसका काम रोक दिया गया। तकनीक को लेकर भी कई बार सवाल खड़े हुए। 1700 मीटर लम्बे इस ओवरब्रिज के प्रोजेक्ट की कीमत 73 करोड़ रुपए है। कई बार इसकी औपचारिक शुरुआत की तैयारियां की गई और फिर इसे टाल दिया गया। गुस्साए लोगों ने कई बार नाराजगी भी जाहिर की। स्थानीय लोगों ने एक तरफा यातायात अपने स्तर पर शुरू कर दिया। लेकिन जेडीए ने उसे भी हरी झंडी नहीं दी।
पिछले साल दिसम्बर में पूरा होना था काम
ओवरब्रिज का काम पिछले साल दिसम्बर में पूरा होना था। इसके लिए ठेकेदार और अधिकारियों को तत्कालीन आयुक्त ने निर्देश भी दिए थे। मंथर गति से चलते इसके कार्य को अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका। जा चुकी है दो की जान
ओवरब्रिज पर पिछले माह सडक़ हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद ओवरब्रिज की तकनीक और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद इस ओवरब्रिज के शुरू होने का मामला फिर खटाई में पड़ गया।
स्थानीय लोगों ने विरोध कर खुद ही शुरू कर दिया
इस ओवरब्रिज को अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने के बाद भी आमजन के लिए शुरू नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग विरोध में उतर आए। इन लोगों ने जेडीए की ओर से लगाए बेरिकेट हटाकर इस पर यातायात शुरू कर दिया। हालांकि जेडीए ने इसे खतरा बताते हुए लोगों को जोखिम नहीं उठाने की हिदायत भी दी। लेकिन इस बात को भी कई दिन गुजरने के बाद भी ओवरब्रिज को शुरू होने का इंतजार है।.
इनका कहना
सारण नगर ओवरब्रिज लम्बे समय से अटक रहा है। तकनीकी रूप से अंतिम रूप दे दिया गया है। इसे जल्द ही शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दुर्गेशकुमार बिस्सा, सचिव, जोधपुर विकास