
जोधपुर. क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटियों में निवेश करोड़ों रुपए डूबने के बाद निवेशकों के होश उड़े हुए हैं। पुलिस कमिश्नरेट के थानों में करीब दो दर्जन से अधिक एफआइआर दर्ज हो चुकी है। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव के अनुसार कमिश्नरेट के पूर्वी जिलों के विभिन्न थानों में क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी से जुड़े करीब पन्द्रह मामलों की जांच एसओजी की मॉनिटरिंग में हो रही है।
प्रथम दृष्टया सोसयटी के संचालक व संचालक मण्डल में शामिल अन्य दोषी माने जा रहे हैं। पीडि़त निवेशकों ने एजेंटों के मार्फत सोसायटी में करोड़ों रुपए निवेश किए थे। निवेशकों की नजर में एजेंट भी आरोपी हैं। एसओजी ने इस बारे में भी जांच करने को कहा है कि एजेंटों को धोखाधड़ी के बारे में पहले से जानकारी थी या नहीं और निवेश के लिए राशि लेने वाले एजेंटों की इंटेंशन क्या थी।
तीनों सोसायटी के प्रमुख हो चुके हैं गिरफ्तार
गौरतलब है कि आदर्श क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी, नवजीवन और संजीवनी क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी में हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपए अटके हुए हैं। जयपुर स्थित एसओजी में मामले दर्ज हैं। एसओजी इन तीनों सोसायटी के प्रमुखों को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य आरोपियों की भूमिकाओं की जांच चल रही है। अकेले जोधपुर में इनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।