
अविनाश केवलिया/जोधपुर. गांवों में पैवेलियन के साथ खेल मैदान, ताकि मिल्खा सिंह और नीरज चौपड़ा जैसे खिलाड़ी निकल सके। एक-दो नहीं बल्कि 140 गांवों में यह नवाचार होने जा रहा है। खास बात यह है कि इसके लिए सरकार से कोई विशेष बजट भी नहीं लिया गया है। जिला प्रशासन की पहल पर एमजीनरेगा व सरपंच मद से इसके लिए कुल 50 करोड़ से अधिक की राशि की व्यवस्था की जाएगी।
ग्रामीण ओलम्पिक के लिए ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए यह पहल शुरू की गई है। इसके लिए 140 ग्राम पंचायतों में जिला परिषद के मार्फत आदेश जारी हो चुके हैं। इसमें नरेगा और राज्य वित्त आयोग की राशि का उपयोग कर सरपंचों व ग्रामीणों को भी जोड़ा जा रहा है। यह पहली बार है कि जिले में खेलों के लिए ग्राउंड लेवल पर इस प्रकार के नवाचार हो रहे हैं।
दो प्रकार का बजट
इन खेल मैदानों का दो प्रकार से बजट निर्धारण किया गया है। इसमें पहला 30 लाख और दूसरा 50 लाख रुपए है। 30 लाख के बजट में खेल मैदान को समतल, ट्रेक और अन्य उपकरण लगाने का कार्य हो रहा है। इसके अलावा बडे़ बजट में साथ में पैवेलियन व रेस्ट रूम व शौचालय भी बनवाए जा रहे हैं। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक सुराणा के अनुसार लक्ष्य पूरे जिले की ग्राम पंचायतों को कवर करना है।
सरकारी बजट का निकाला तोड़
सरकार से अलग मद में किसी प्रकार का बजट नहीं मांगा गया। जो सिविल के कार्य थे वे सभी एमजीनरेगा मद में हुए, जिससे वहां के लोगों को काम भी मिलेगा। इसके अलावा अन्य लोहे के कार्य, रेलिंग लगाना व ऐसे कार्य जिनकी अनुुमति नरेगा में नहीं है, वह स्टेट फाइनेंस कमीशन के तहत सरपंच मद से लिए गए। इससे सरपंचों का भी इसमें जुड़ाव बना रहेगा।
इनका कहना...
गांवों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए यह लक्ष्य है। कुछ मैदान तो बन कर तैयार भी हो गए हैं। बाकी पर काम चल रहा है। लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में यह खेल मैदान तैयार हो।
- हिमांशु गुप्ता, जिला कलक्टर जोधपुर