जोधपुर

संघर्षों से शुरुआत और क्रिएटीविटी से पाया मुकाम

- जोधपुर से शुरू हुआ सफर, आज यूएसए और दुबई तक पहुंचा  
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Aug 31, 2021
संघर्षों से शुरुआत और क्रिएटीविटी से पाया मुकाम
संघर्षों से शुरुआत और क्रिएटीविटी से पाया मुकाम

जोधपुर. अपनी क्रिएटीविटी के स्टार्टअप की शुरुआत में संघर्ष की दास्तां देखी। फिर कड़ी मेहनत से इसे आगे बढ़ाने में लग गई। किसी भी नए प्रोडक्ट को ब्रांड बनाने की क्रिएटीविटी के साथ मैडनेक्स्ट स्टार्टअप की शुरुआत की। आज जोधपुर के साथ देश के कई बड़े शहर व दुबई-यूएसए तक अपनी क्रिएटीविटी के दम पर डंका बजा रही है।
यह हैं हेमलता मिश्रा। जब सातवी कक्षा में थी तो इनके पिता डायबिटीज की वजह से साफ देख नहीं पाते थे, पेशे से सीए थे, इसलिए हेमलता तब से उनकी मदद करती थी। जब वह दसवीं कक्षा में आई तो पिता का साया सिर से उठ गया। तभी से उनके परिवार के संघर्ष की कहानी शुरू हुई। फिर उनकी माता मालती मिश्रा और बड़ी बहन हर्षा मिश्रा ने सहयोग किया। अपने सोशल मीडिया स्किल व ब्रांडिंग स्किल के जरिये कई कंपनियों में काम किया। बाद में 2019 में खुद का ब्रांडिंग स्टार्टअप शुरू किया। स्टार्टअप ओएसिस ने इसमें सहयोग किया और फिर सफलता की कहानी शुरू हुई।

20 जनों की टीम बनाई

शुरुआती दौर के बाद इनके क्रिएटिव काम को पहचान मिलने लगी। अकेले सफर की शुरुआत की और आज देश के कई शहरों में 20 लोगों की टीम साथ काम कर रही है।

विदेशों तक बनाई पहचान
अपनी क्रिएटिव ग्राफिक्स प्रजेंटेशन के दम पर इन्होंने विदेशों तक पहचान बनाई। टियर 2 और टियर 3 कैटेगरी के शहर से निकल कर टियर 1 यानि बड़े मेट्रो शहरों तक पहचान बनाई। दुबई और अमरीका में बसे कई प्रोडक्ट को क्रिएटिव सपोर्ट दिया। अब तक वे फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, हॉस्पिटेलिटी, एफएमसीजी और हेल्थ सेक्टर के कई प्रोडक्ट के साथ काम कर चुकी हैं।

स्ट्रॉग स्ट्रेंथ है जरूरी

हेमलता बताती हैं कि अगर पहले रुकावटें मिले तो स्ट्रॉग स्टे्रंथ जरूरी है। किसी को अपनी हार नहीं माननी चाहिए कोई भी यूथ यदि छोटे लेवल पर अपना व्यापार शुरू करना चाहता है तो सोशल मीडिया उसकी बड़ी ताकत बन सकता है। अपने काम को देश-विदेश तक फैलाने में सोशल मीडिया ने उनका काफी सहयोग किया।

Published on:
31 Aug 2021 09:26 pm