
जोधपुर।
लॉक डाउन और कृषक कल्याण कर के कारण बंद रही प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंडी में व्यापार पटरी पर लौटने लगा है। 1 जून से लागू हुए अनलॉक से मंडी में प्रतिदिन व्यापार हो रहा है। इन 10 दिनों में विभिन्न कृषि जिंसों की करीब 50 हज़ार बोरियों की आवक हुई है । इनमें सबसे ज्यादा आवक जीरा की हुईं है ।
--
प्रतिदिन आ रही 5 हज़ार बोरियां
जीरा मंडी में प्रतिदिन करीब 5 हज़ार बोरी कृषि जिंसों की आवक हो रही है । जिनका खुली बोली नीलामी से व्यापार हो रहा है।
---
किसान भी खुश
लंबे समय तक मंडी बंद रहने से किसान भी अपनी उपज मंडी में नहीं ला पा रहे थे। वही कुछ किसान कृषक कल्याण कर के कारण अपनी उपज को पड़ोसी राज्यों में ले जा रहे थे। इससे राज्य सरकार को भी राजस्व नुकसान हो रहा था। अब मंडी खुलने व व्यापार होने से किसान अपनी उपज मंडी में ला रहे है।
---
मजदूरों को भी रोजगार मिलने लगा
करीब 2 महीने बंद रही जीरा मंडी से मजदूरों पर भी बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया था । बाद में कृषक कल्याण कर के कारण मंडी बंद रहने से भी मजदूरों की रोजी.रोटी पर संकट बना रहा । 1 जून से मंडी खुलने से जहां व्यापार सुचारू होने लगा। वही मजदूरों को भी रोजी.रोटी मिलने लगी। मंडी में जीरा मंडी में करीब डेढ़ सौ से 200 मजदूर काम करते हैं
---
जीरा मंडी में व्यापार शुरू हो गया है ।लेकिन सरकार की ओर से थोपा गया 0ण्50 प्रतिशत कृषक कल्याण कर अगर सरकार बंद कर दें तो यह व्यापारियों व किसानों के हित में होगा
पुरषोत्तम मूंदड़ा, अध्यक्ष
जोधपुर जीरा मंडी व्यापार संघ
---
मंडी में नियमित कृषि जिंसों की आवक हो रही हैं। व्यापार हो रहा हैं।
सुरेंद्र सिंह, सचिव
राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि उपज मंडी अनाज जोधपुर
--
जीरा मंडी में आवक एक नजर में 1 से 10 जून तक
कृषि जिंस- आवक बोरी में
जीरा-- 34783
ईसब-- 7993
सौफ.--1167
सरसों---804
मेथी--629
रायड़ा--560
चना--429
ग्वार--138
तारामीरा-- 121