
जोधपुर.
प्रदेश में अचानक आए तूफानी अंधड़ ने किसानों को तो आहत किया ही है, बिजली सिस्टम को भी काफी नुकसान पहुंचा है। दो दिन के अंधड़ ने डिस्कॉम को करीब 5 करोड़ रुपए का झटका लगा है। जीएसएस परिसर में लगे कई बड़े पावर ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना है। हालांकि चार दिन की मशक्कत के बाद सभी 10 जिलों के बिजली सिस्टम को सुचारू करने का दावा किया गया है।
जोधपुर डिस्कॉम प्रबंधन ने जोधपुर शहर व ग्रामीण, पाली, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चुरू और सिरोही सभी 10 जिलों में नुकसान आंकलन किया है। इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। इनमें भी रेगिस्तानी क्षेत्र में रेतीली आंधियों से सर्वाधिक नुकसान हुआ। आधे दिन के लिए करीब 400 से अधिक गांवों का बिजली सिस्टम फैल हो गया था। अब बताया जा रहा है सभी गांव की बिजली बहाल कर दी गई है। कुछ स्थानों पर घरेलू शिकायतें जरूर पेंडिंग हैं।
जीएसएस के अंदर भी नुकसान
अंधड़ के कारण जीएसएस में लगने वाले पावर ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। पूरे डिस्कॉम क्षेत्र में करीब 10 ऐसे ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। एक पावर ट्रांसफार्मर की कीमत करीब 40 लाख रुपए है। हालांकि नुकसान में अभी इसकी मरम्मत लागत यानि करीब 4-5 लाख रुपए ही जोड़ी गई है। अब जो ट्रांसफार्मर हटाए गए हैं यदि वे सही नहीं होते हैं नुकसान की लागत अधिक हो सकती है।
नुकसान एक नजर में
- 14 सौ से ज्यादा पोल धराशाही हुए।
- 100 वितरण ट्रांसफार्मर यानि डीपी क्षतिग्रस्त हुई।
- 10 पावर ट्रांसफार्मर फैल हुए।
- 4.98 करोड़ का कुल नुकसान आंकलन किया गया है।
90 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण
दो दिन में डिस्कॉम के कंट्रोल रूम को मिलने वाली शिकायतें करीब डेढ़ गुना तक बढ़ गई। इनमें से 90 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया गया है। कई स्थानों पर पानी भरा होने के कारण कुछ घरों में बिजली आपूर्ति सुचारु करना चुनौती बना हुआ है। शहरी के कई हिस्सों ट्रिपिंग की समस्या भी है।
इनका कहना है...
‘अंधड़ के कारण नुकसान का आंकलन किया गया है। सभी जगह बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। कुछ घरेलू शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है।