जोधपुर

श्वानों के खौफ से सहम रहा फलोदी

फलोदी शहर में आवारा श्वानों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां एक दर्जन से ज्यादा लोगों को काट दिया।
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May 05, 2019
Stray dog terror in Phalodi
dog

फलोदी (जोधपुर). शहर में आवारा श्वानों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के लक्ष्मीपुरा क्षेत्र में शनिवार रात एक आवारा श्वान का आतंक देखने को मिला। यहां श्वान सडक़ से गुजर रहे लोगों पर इस कदर हमला किया कि लोगों के पैरों में बड़े घाव हो गए। इस श्वान यहां एक दर्जन से ज्यादा लोगों को काट दिया। इससे लोग जख्मी हो गए तथा उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे।

लक्ष्मीपुरा क्षेत्र निवासी स्वरूप गोयल ने बताया कि क्षेत्र में एक आवारा श्वान ने शनिवार को सडक़ से गुजरने वाले लोगों पर बार-बार हमला किया। इस श्वान ने करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगों को जख्मी कर दिया।

वहीं लक्ष्मीपुरा क्षेत्र निवासी प्रेम सोनी ने बताया कि वह बाइक पर बच्चों को लेकर गुजर रहा था तथा आवारा श्वान ने अचानक पैर पर काट लिया। आवारा श्वान काटने से स्वरूप गोयल, प्रेम सोनी, श्याम, महेन्द्र, अमित सहित कई लोग जख्मी हो गए। इनमें कुछ लोग राजकीय चिकित्सालय पंहुचे तो कुछ लोगों ने निजी चिकित्सालय में उपचार करवाया।


एक्सपर्ट व्यू

राजकीय चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि श्वान के काटने के तुरंत बाद घाव वाली जगह को कपड़े धोने का साबुन लगाकर बहते हुए पानी से लगातार 15-20 मिनट तक धोना चाहिए। इससे वायरस बाहर निकल जाते हैं, तथा संक्रमण की आशंका कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रोजाना 20-25 मरीज श्वान के काटने के आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि श्वान के काटने के मरीजों को अलग-अलग चार श्रेणी में रखा जाता है। पहली श्रेणी में श्वान द्वारा चाटने या साथ में खेलने, दूसरी श्रेणी में पैर पर दांत लगाने, तीसरी श्रेणी में श्वान द्वारा काटने के बाद घाव से रक्तस्राव होने व चौथी श्रेणी में बच्चों आदि के सिर में काटने के मामलों को रखा जाता है। उनका कहना है कि श्वान के काटने के बाद शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श व उपचार जरूरी है।

Updated on:
05 May 2019 04:41 pm
Published on:
05 May 2019 04:41 pm