
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से सम्बद्ध एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में इसी साल से शुरू हुए नए विभाग पेट्रोलियम इंजीनियरिंग को प्रदेश के छात्र-छात्राओं ने कोई रुचि नहीं दिखाई। काउंसलिंग के दरम्यान सबसे अंत में मैरिट में नीचे रहने वाले छात्र-छात्राओं ने मजबूरी में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग ब्रांच चुनी है।
बाड़मेर के पचपदरा में निर्माणाधीन रिफाइनरी को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस साल फरवरी में एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग विभाग को खोलने को मंजूरी दी थी। इसके लिए सरकार ने २० करोड़ रुपए दिए। हालांकि एमबीएम कॉलेज ने १०० करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेजा था।
काउंसलिंग में ६० में से ४३ सीटें खाली
जुलाई महीने में प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में राजस्थान इंजीनियरिंग एडमिशन प्रोसेस (रिप-२०२०) के जरिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। अक्टूबर अंत तक प्रवेश प्रक्रिया के विभिन्न राउण्ड, अपवर्ड मूवमेंट और इंटरनल स्लाइडिंग के बाद ६० में से ४३ सीटें खाली रह गई थी जो गुरुवार रात ऑन स्पॉट एडमिशन में सबसे अंत में भरी गई यानी मैरिट में नीचे रहने वाले छात्रों ने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग ब्रांच चुनी है।
५८० में से ११२ सीटें खाली
राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में गुरुवार को प्रवेश का अंतिम दिन था। प्रदेश के समस्त ८६ कॉलेजों में ऑन स्पॉट एडमिशन राउण्ड रखा गया। एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में ५८० में से ११२ सीटें खाली थी, जिसके लिए ८५९ छात्र छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। सबसे पहले इलेक्ट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, कम्प्यूटर साइंस की खाली सीटें भरी गई। सिविल व मैकेनिकल की सीटें ही खाली नहंी थी। सबसे अंत में पेट्रोलियम इंजीनियंरग का नम्बर आया। रात १० बजे प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो सकी।
१८ नवम्बर से ऑनलाइन कक्षाएं
कॉलेज की सभी सीटें भरी जा चुकी हैं। अब १८ नवम्बर से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होगी। बीई प्रथम सेमेस्टर के समस्त छात्र-छात्राएं माइक्रोसॉफ्ट के विशेष सॉफ्टवेयर से घर बैठे कक्षा का लाभ उठा पाएंगे। इसके लिए उन्हें लॉगिन व पासवर्ड दिए जा रहे हैं।
-प्रो. रजत भागवत, डीन, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर