
जोधपुर. रामलीला आयोजन समिति की ओर से आयोजित हाइटेक बहु मंचीय रामलीला में दूसरे दिन बुधवार को राम जानकी विवाह पर हुई जमकर आतिशबाजी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
वरमाला कार्यक्रम से पूर्व भगवान का शिवधनुष भंग करने पर समूचा परिसर भगवान राम के जयकारों से गूंज उठा।आदर्श विद्या मंदिर, केशव परिसर में लाईट एंड साउंड के नवीनतम अत्याधुनिक प्रयोग पर आधारित रामलीला मंचन से पहले ही लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने शुरू हो गए। शाम 7 बजे हनुमान चालीसा के सामूहिक वाचन के पश्चात हाइटेक रामलीला का मंचन शुरू किया गया। समिति अध्यक्ष डॉ. निर्मल गहलोत, देवेन्द्र बुड़िया, महासचिव रमेश भण्डारी, कोषाध्यक्ष अशोक पंवार आदि ने अतिथियों को भगवान राम की प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप में देकर स्वागत किया गया।
राम के वनगमन पर दर्शक हुए भाव विभोर
गोस्वामी सुशील महाराज के निर्देशन में सम्पूर्ण रामायण के विभिन्न प्रसंग को कलाकारों ने अपने बेहतरीन अभिनय, डायलॉग डिलीवरी एवं भाव-भंगिमाओं से नाट्य रूप जीवंत कर दिया। दशरथ के कैकेयी को दिए वचन को निभाने के लिए वन गमन और राम-भरत मिलाप का दृश्य देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए।
जीवंत हुआ केवट प्रसंग
वनवास जाने के दौरान केवट की नाव में राम, माता सीता और लक्ष्मण का गंगा पार जाने का दृश्य बेहद लुभावना रहा। प्रकाश और ध्वनि के तालमेल व संयोजन से दृश्य को अत्यंत खूबसूरती से दर्शाया गया। गंगा नदी के पानी का कल-कल बहना और उस बहते पानी में पतवार के घर्षण से आगे बढ़ती नाव की आवाज के साथ ही उस वक्त तथा मौसम का अहसास दर्शकों को वास्तविक सा प्रतीत हो रहा था।