
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. दीपावली पर हमने खूब मिलावटी पकवान खाए थे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने त्यौहार से पहले खाद्य सामग्री के 64 नमूने लिए थे। अब जांच रिपोर्ट में पता चला है कि इनमें से 23 खाद्य सामग्रियों के नमूने फेल हो गए। पूर्व में लिए पान मसालों के नमूने भी अनसेफ निकले हैं। रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने मिलावटखोरों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के मानक अनुसार खाने के 13 आइटम अमानक मिले हैं। मिस ब्रांड और खाने लायक नहीं श्रेणी के 5-5 आइटम मिले हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग किसी सैंपल को तीन तरीके से फेल साबित करता है। मानक अनुरूप तत्व नहीं पाए जाने पर खाद्य पदार्थ को सब स्टैण्डर्ड करार दिया जाता है। कोई खाद्य सामग्री खाने योग्य नहीं होती तो अनसेफ और पैकिंग सम्बंधी गड़बड़ होने पर मिस ब्रांड करार दी जाती है।
ये आइटम हुए फेल
सिवांची गेट स्थित तीन दुकानों से मावा, बालवाड़ी स्कूल के सामने से मावा सब स्टैण्डर्ड मिला है। बिसलपुर में पनीर, फलोदी के गांव देगावड़ी में तीन अलग दुकानों से आयोडिन नमक, सरस्वती नगर में बेसन के लड्डू, बाड़मेर रोड बोरानाडा में मूंग की दाल की चक्की, मंडोर मंडी में किचन स्पेशल, बिलाड़ा में आम का आचार सब स्टैण्डर्ड मिला है। फलोदी तहसील के बापिणी लोर्डिया में एडेड मिनरल वाटर, जलजोग चौराहा से मिठा पान मसाला, पाल रोड से मीठी सुपारी मिस ब्रांड आई हंै। मेड़ती गेट से 2 पान मसाले, रातानाडा से 2 फ्लेवर्ड पान मसाला अनसेफ आए। सालावास रोड बोरानाडा में मिल्क केक अनसेफ मिला है।
इनका कहना
जो सैंपल जांच में पास नहीं हुए। उन पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा। मिलावट के खिलाफ विभाग निरंतर निरोगी राजस्थान कार्यक्रम के तहत कार्रवाई जारी रखेगा।
- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ