
जोधपुर. जोधपुर में डेंगू पांव पसारे हुए है। दिवाली के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। रोज कार्ड व एलाइजा टेस्ट में डेंगू रोगियों के सामने आने की पुष्टि हो रही है। जोधपुर में डेंगू मरीजों का आंकड़ा नौ सौ पहुंच चुका है। कई रोगी डेंगू बुखार में भी विलंब से अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिन्हें रिपोर्ट में पुराना डेंगू सामने आ रहा है।
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में सीनियर प्रोफेसर डॉ. नवीन किशोरिया ने बताया कि एक बार डेंगू होने के बाद कुछ समय तक इम्यूनिटी रहती है, लेकिन सामान्यत लोगों को पुन: डेंगू आ सकता है। एनएस-1 पॉजिटिव का मतलब डेंगू अभी का है, आइजीएम पॉजिटिव का रिपोर्ट में आना मतलब 4-7 दिन पुराना डेंगू है। आइजीजी का मतलब डेंगू 15 से डेढ़ माह तक पुराना हो सकता है। ज्यादातर केस फ्रेश डेंगू आ रहा है, यानी एनएस-1 व आइजीएम सर्वाधिक पॉजिटिव आते हैं। शुरुआती दिन में टेस्ट कराते हैं तो कुछ पॉजिटिव नहीं आएगा। तीसरे-चौथे दिन टेस्ट कराने पर एनएस-1 पॉजिटिव आता है। पांचवें-छठे दिन टेस्ट कराने पर आइजीएम भी पॉजिटिव आ जाता है। 55 प्रतिशत डेंगू जांच केस में एनएस-1 पॉजिटिव आते है, 35 प्रतिशत में आइजीएम रिपोर्ट पॉजिटिव आती है और शेष 10 प्रतिशत मरीजों में आइजीजी भी पॉजिटिव आता है।
प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही
चिकित्सकों का कहना हैं कि इस बार डेंगू में बड़ी तीव्रता के साथ लोगों की प्लेटलेट्स डाउन हुई है। जबकि अब तक इतनी आसानी से प्लेटलेट्स डाउन नहीं होती थी, ये बात इस बार चिंता का विषय बनकर उभरी है।