जोधपुर

Tarang Shakti 2026: राजस्थान में दिखी भारतीय वायुसेना की ताकत, यूएस-फ्रांस-जर्मनी के एयर चीफ भी हैरान, जानें क्या कहा?  

Indian Air Force : जोधपुर में बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 के दौरान US-यूरोपीय वायुसेना प्रमुखों ने भारतीय वायुसेना की कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की है। जानिए क्या बोले US, जर्मन और फ्रेंच एयर चीफ।
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Oct 11, 2026
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America, France, Germany Air Chiefs praise Indian Air Force

राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' के दौरान दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों और शीर्ष वायुसेना अधिकारियों की नजरें भारत के आसमान पर टिकी रहीं। जोधपुर के रेगिस्तानी इलाके में आयोजित इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे यूरोपीय मित्र देशों के वायुसेना प्रमुखों ने भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ अपने परिचालन समन्वय और उच्च स्तरीय पेशेवर क्षमता की खुलकर सराहना की है। जर्मन और फ्रेंच एयर चीफ्स ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत के आसमान में उड़ान भरना बिल्कुल वैसा ही अनुभव देता है जैसा कि यूरोप में उड़ान भरते समय महसूस होता है।

भारतीय व्यवस्था को बताया शानदार

जोधपुर एयरवेस पर आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जर्मन वायुसेना कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गुंटर कात्ज ने अपने पायलटों के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने एयरक्रू से जोधपुर के मरुस्थलीय इलाकों में उड़ान भरने के अनुभव के बारे में पूछा, तो पायलटों का जवाब था कि उन्हें यूरोप में अपने होम बेस और भारत में मिशन को अंजाम देने में कोई अंतर महसूस नहीं हुआ। जर्मन एयर चीफ के अनुसार, भारत में भी बिल्कुल वही सेटअप, वही प्रक्रियाएं और वही फ्लो है जो वे अपने देश में अपनाते हैं।

इसी तरह फ्रांस के सशस्त्र बलों के इंस्पेक्टर जनरल, जनरल स्टीफन ग्रोएन ने भी अपने राफेल स्क्वाड्रन कमांडर के हवाले से यही बात दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच वर्षों से चले आ रहे मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और नियमित संयुक्त अभ्यासों की वजह से बहुराष्ट्रीय स्तर के ऐसे बड़े अभियानों में किसी भी प्रकार की कोई रुकावट या परेशानी नहीं आती है।

अमरिकी वायुसेना ने भी भारतीय नेतृत्व और अनुभवों को सराहा

यूएस एयर फोर्स पेसिफिक एयर फोर्सेज (PACAF) के कमांडर जनरल केविन श्नाइडर ने भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई चर्चा का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' के अनुभवों और रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ। श्नाइडर ने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों के बीच एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना सभी मित्र देशों की सेनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य की चुनौतियों से मिलकर निपटा जा सके।

अभ्यास में छाया 'ऑपरेशन सिंदूर'

इस बहुराष्ट्रीय युद्ध अभ्यास के दौरान अभ्यास निदेशक एयर वाइस मार्शल राज ठाकुर ने एक विशेष जानकारी साझा करते हुए बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर प्रतिभागी देशों ने काफी गहरी रुचि दिखाई। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा 7 मई 2025 को सीमा पार संचालित 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत लश्कर-ए-तैयाबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के 9 बड़े ठिकानों को तबाह कर 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया गया था।

सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज (SMEE) सत्रों के दौरान भारतीय वायुसेना ने मित्र देशों के अधिकारियों को इस सफल और रणनीतिक ऑपरेशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी, जिसे सभी देशों ने बेहद ध्यान से सुना और सराहा।

Updated on:
11 Oct 2026 09:39 am
Published on:
11 Oct 2026 09:38 am