जोधपुर

WEATHER–तापमान गिरने से पाला पडऩे की आशंका

- अरण्डी, सरसों, मैथी, टमाटर, मिर्च फसलों को नुकसान की आशंका - किसान चिंतित
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Dec 25, 2020
WEATHER--तापमान गिरने से पाला पडऩे की आशंका
WEATHER--तापमान गिरने से पाला पडऩे की आशंका

जोधपुर।

रबी सीजन की फ सलों के लिए सर्दी वरदान बनकर आती है लेकिन यही सर्दी जब जमाव बिंदु तक आ जाती है तो पाला गिरने से फ सलों को जलाकर नष्ट कर देती है। मौसम विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार आगामी दिनों में पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में तापमान गिरकर शून्य पर आ सकता है। इससे किसानों को पारा गिरने को आशंका सता रही है। फसलों पर पानी जमने के दौरान थोड़ी हवा फ सल के लिए नुकसानदेय हो सकती है। इस दौरान पानी लगने से वंचित रही फ सलें को पाले से ज्यादा नुकसान होने की आशंका रहती है।

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जिले में इन फसलों को नुकसान की आशंका

जोधपुर जिले में इस समय अरण्डी, सरसों, मैथी सहित मिर्च, टमाटर, गोभी, बैंगन की फ सलें खड़ी है। ये फ सलें पाला के प्रति अतिसंवेदनशील है, ऐसे में मौसम विभाग से पारा जमाव बिंदु पर आने सूचना मिलने के बाद किसान फसलों में नुकसान को लेकर आशंकित है।

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एक्सपर्ट व्यू

पाले से बचाव के लिए किसान अपनाएं ये उपाय

कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के पूर्व निदेशक अनुसंधान आर पी जांगिड़ के अनुसार पारा 4.5 डिग्री से नीचे गिरने व दोपहर तीन बजे बाद हवा बंद हो जाती है, तो पाला गिरने की संभावना रहती है। इससे बचाव के लिए फ व्वारा पद्धति से सिंचाई करने वाले किसान क्यारी पद्धति से सिंचाई कर सकते है। फ सलों में पर्याप्त सिंचाई करें तथा एक ग्राम गंधक का तेजाब अथवा 20 ग्राम दानेदार शक्कर को प्रति लीटर पानी मे मिलाकर फ सल पर छिड़काव कर सकते है। वहीं राख को छानकर उसमें सल्फ र मिलाकर फ सल पर बुरकाने से भी पाले का खतरा कम किया जा सकता है। सूर्योदय से एक घंटे पहले खेत की उत्तर दिशा में टायर आदि जलाकर धुंआ करके भी फ सल में पाले के असर से बचाया जा सकता है।

Published on:
25 Dec 2020 05:53 pm