
जोधपुर।
जोधपुर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध भूमि पर संचालित टेक्सटाइल इकाइयों में धड़ल्ले से धुलाई, रंगाई-छपाई का काम चल रहा है। इन क्षेत्रों में अवैध भूमि पर संचालित हो रही करीब 300-350 इकाइयों का अनुपचारित पानी जोजरी नदी व खेतों में धड़ल्ले से बहाया जा रहा है, जिससे नदियां प्रदूषित हो रही है व खेत बर्बाद हो रहे है। इसका सर्वाधिक प्रभाव विशेषकर मानसून में जिले के धवा, डोली, अराबा आदि आसपास के गांवों में देखने को मिलता है।
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एक प्लांट पर ट्रीट हो रहा 400 इकाइयों का पानी
वर्तमान में सांगरिया स्थित सीईटीपी से टेक्सटाइल व स्टील की करीब 400 इकाइयों का अपशिष्ट पानी उपचारित किया जा रहा है। वर्तमान में सांगरिया औद्योगिक क्षेत्र िस्थत सीईटीपी 20 एमएलडी क्षमता वाला है। इस प्लांट के लिए भी रीको ने वर्ष 2003 में 10 एकड़ भूमि का निशुल्क आवंटन किया था। जिस पर जोधपुर पॉल्यूशन कंट्रोल एण्ड रिसर्च फाउंडेशन ने प्लांट स्थापित किया था। इस प्लांट से करीब 315 टैक्सटाइल और 90 स्टील री-राेलिंग इकाइयां जुड़ी हुई है। टैक्सटाइल इकाइयों का अधिकतम 18.5 एमएलडी और स्टील व अन्य इकाइयों का 1.5 एमएलडी अपशिष्ट पानी उपचारित किया जा रहा है। प्लांट से प्रतिदिन करीब 1.50 करोड़ लीटर केमिकलयुक्त पानी को उपचारित किया जा रहा है।
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मूर्तरूप नहीं ले पाया नया प्लांट
टेक्सटाइल फैक्ट्रियों से निकल रहे केमिकलयुक्त रंगीन पानी को ट्रीट करने के लिए सालावास में नया कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह सीईटीपी अभी तक मूर्तरूप नहीं ले पाया है।
सांगरिया व सालावास में प्रस्तावित नया सीईटीपी बन जाने से दोनों सीईटीपी से टेक्सटाइल व स्टील इकाइयों का अपशिष्ट पानी उपचारित होगा। इससे जोजरी सहित आसपास की नदियों व खेतों में इकाइयों के पानी जाने पर भी रोक लगेगी और नदियां व खेत भी स्वच्छ रहेंगे।
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प्रदेश का सबसे बड़ा प्लांट होगा
वर्तमान में प्रदेश में जोधपुर के अलावा भिवाड़ी, पाली, बालोतरा, सांगानेर में प्लांट लगे हुए है। चार जगहों में सबसे बड़ा एक इकाई के रूप में व्यवस्थित वर्तमान संचालित प्लांट जोधपुर का है। अब सालावास में प्रस्तावित नए प्लांट के बनने पर यह प्रदेश का सबसे बड़ा प्लांट होगा, क्योंकि इसकी क्षमता 25 एमएलडी होगी।
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टेक्सटाइल इकाइयों को लेकर कम्प्लायंस रिपोर्ट जल्द तैयार कर इस माह के आखिरी तक एनजीटी में पेश कर दी जाएगी।
शिल्पी शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी
जोधपुर प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जोधपुर
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सरकार व प्रशासन को अवैध भूमि पर चल रही टेक्सटाइल इकाइयों पर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, नए सीईटीपी के लिए भी जल्द कार्यवाही होनी चाहिए।
जीके गर्ग, मैनेजिंग ट्रस्टी
जोधपुर पॉल्यूशन कंट्रोल एण्ड रिसर्च फाउंडेशन
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प्रदूषण नियंत्रण मण्डल को अवैध जमीनों पर चल रही इकाइयों पर लगाम लगानी चाहिए।
मनोहरलाल खत्री, कोषाध्यक्ष
जोधपुर पॉल्यूशन कंट्रोल एण्ड रिसर्च फाउंडेशन
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