
पीपाड़सिटी (जोधपुर). शहरी क्षेत्र के उचियारड़ा बेरा पर न्यायालय में विवादित कृषि भूमि में एक वृद्ध का अंतिम संस्कार करने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। जिससे मामला गर्मा गया। सूचना पर भारी पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा।
उचियारड़ा बेरा पर एक कृषि भूमि का पारिवारिक विवाद सहायक कलक्टर न्यायालय में विचाराधीन होने के साथ स्थगन आदेश के बावजूद अंतिम संस्कार कराने को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। इसमें भूमि विवाद के दोनों पक्षों के आमने सामने होने की सूचना मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक हेमंत नोगिया, प्रशिक्षु आरपीएस अधिकारी प्रियंका, पुलिस थानाधिकारी बाबूलाल राणा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
विवादित मामला कृषि भूमि से जुड़ा होने पर उपजिला मजिस्ट्रेट शैतानसिंह राजपुरोहित भी पहुंचे। पुलिस ने विवाद की गम्भीरता को देखते हुए बिलाड़ा, बोरुंदा, भोपालगढ़ पुलिस थानाधिकारियों को भी पीपाड़सिटी तलब करने के साथ कंट्रोल रूम को अलर्ट रहने को कहा गया। राजपुरोहित ने दोनों पक्षों के विवाद का कारण सुना। इसमें पारिवारिक भूमि के बंटवारा सहित अन्य कारण जानने के बाद मृतक कानाराम के कब्जे की भूमि में ही अंतिम संस्कार की सहमति दी। इसके बाद अर्थी को मृतक के कब्जे की भूमि में शिफ्ट कर अंतिम संस्कार किया गया। ज्ञात रहे कि उचियारड़ा बेरा के लोगों का अंतिम संस्कार जोजरी नदी श्मशान में ही किया जाता हैं। शहर में ये पहला अवसर हैं जब किसी का आबादी क्षेत्र की कृषि भूमि में अंतिम संस्कार किया गया हैं। विवाद से हालात बिगडऩे की आशंका को देखते हुए देर शाम तक पुलिस बल तैनात रहा।