
जोधपुर. 21 जून को हो रहे कंकणाकृति सूर्यग्रहण के लिए जोधपुर में ग्रहण के सूतक नियम शनिवार रात्रि 10.08 से मान्य होंगे। जोधपुर में रविवार सुबह 10.08 बजे सूर्य ग्रहण का स्पर्श होगा और 11.47 पर ग्रहण का मध्य तथा दोपहर 1.36 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। जोधपुर में ग्रहण काल की अवधि 3 घंटे 28 मिनट की होगी। सूर्य ग्रहण के अवधिकाल में एक साथ 6 ग्रह बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु वक्री रहेंगे । अत: इन राशि वाले जातकों को ग्रहण के समय संयम ध्यान जाप करना चाहिए। पंडित ओम दत्त शंकर के अनुसार जोधपुर में यह 91 प्रतिशत परम ग्रास रहेगा । पूरे देश में दृश्य मान होने की वजह से इस ग्रहण का जनमानस पर व्यापक असर पड़ेगा । खासकर मृगशिरा आद्र्रा नक्षत्र तथा मिथुन राशि पर ग्रहण का मुख्य प्रभाव रहेगा। देवादित्य ज्योतिष शोध केंद्र के पंडित देवचंद श्यामचंद ज्योतिषी के अनुसार वर्ष के सबसे बड़े सूर्य ग्रहण की अवधि में करीब 10 से 20 सेकंड तक सूर्य दृश्यमान नही होगा। ग्रहणकाल में गणपति, गायत्री, गुरु मंत्र और सूर्य मंत्र का जाप करना चाहिए। जाप करते समय किसी भी प्रकार की माला का उपयोग नही होना चाहिए। सूतक काल के दौरान मूर्ति का दर्शन स्पर्श एवं भोजन आदि भी वर्जित बताया गया है। ग्रहण मोक्ष काल के बाद स्नान आदि कर नित्य पूजा कर्म कर ही भोजन आदि ग्रहण करना चाहिए।
सूतक व ग्रहण काल में ये कार्य वर्जित
ज्योतिर्विद पंडित मुकेश दाधीच के अनुसार ग्रहण सूतक काल में कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। सूतक व ग्रहण काल में मूर्ति का स्पर्श,अनावश्यक भोजन, मैथुन, निद्रा, नाखून काटना आदि वर्जित है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वृद्ध, रोगी, बालक, गर्भवती स्त्रियों को भोजन, दवाई ग्रहण करने का दोष नहीं लगता है। ग्रहणकाल में गर्भवती महिलाओं को धार्मिक ग्रंथो का पाठ करना चाहिए।