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जोधपुर।
शहर में कफ्यू का तीसरा दिन, कड़े पुलिस बंदोबस्त, शांत माहोल। यह नजारा है भीतरी शहर के अलग-अलग बाजारों का, जहां आज से चार-पांच दिन पहले आखातीज की खरीदारी को लेकर रौनक थी। दुकानों पर चहल-पहल थी, लेकिन मंगलवार से कफ्यू लगने के बाद बाजारों सन्नाटा पसर गया। लोग घरों में बंद नजर आए, वे अपनी खिड़कियों से पुलिस की गाडि़यों को आते-जाते देख रहे थे। बाजार बंद होने से लोगों को रुटीन चीजों की खरीदारी में परेशानी आई
स्पॉट-1 आड़ा बाजार-सर्राफा बाजार क्षेत्र
भीतरी शहर का आड़ा बाजार, मिठाइयों, बर्तनों, कपड़ों व अन्य सामानों की दुकानें बंद रहने से बाजार सुनसान था। सर्राफा बाजार में, यहां रोजाना लाखों रुपयों के सोने-चांदी का कारोबार होता है, लेकिन कफ्यू की वजह से बाजार बंद है, इससे व्यवसाय को नुकसान भी हो रहा है। वहीं इस क्षेत्र में रहने वाले लोग अपने घरों में ही रहे।
स्पॉट-2 जालप मोहल्ला-बालवाड़ी स्कूल क्षेत्र
इस क्षेत्र में माहोल शांत नजर आया। अधिकांश लोग घरों में थे, कुछ लोग अपने चबूतरों पर अकेले बैठे थे। बालवाड़ी स्कूल के पास लगने वाले दूध के चौहटा शांत था, बैरिकेड्स लगे हुए थे व पुलिस डेरा जमाए हुुए थी।
पुलिस के जवान आते-जाते लोगों से पूछताछ व उनके परिचय पत्र देख रही थी। कुछ बच्चे गलियों में चहलकदमी कर रहे थे।
स्पॉट- 3 जूनी धान मंडी-नवचौकिया क्षेत्र
भीतरी शहर िस्थत जूनी धान मंडी क्षेत्र, जहां फल-सब्जियों के खाली ठैले थे। प्रसिद्ध बालकृष्ण लाल भगवान की हवेली के बाहर भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल नहीं थी। नवचौकिया क्षेत्र में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानें बंद थी।
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