
जोधपुर. बाबा रामदेव के अवतरण दिवस भाद्रपद शुक्ल द्वितीया (बीज) इस बार 20 अगस्त को मनाया जाएगा। भादवे की दूज से आठ दिनों तक चलने वाले मेले में शिरकत करने प्रदेश के कोने-कोने व पड़ौसी राज्य मध्यप्रदेश, गुजरात से सैकड़ों किमी पैदल सफर तय कर रामदेवरा धाम पहुंचने के लिए जातरुओं के जोधपुर पहुंचने का क्रम शुरू हो गया है। मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर के बाहर रोजाना जातरू पहुंचने लगे है। रविवार को मसूरिया बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ मंदिर का संचालन करने वाले पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति सभा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मंदिर को राज्य सरकार के आगामी निर्देश तक पूरी तरह बंद रखने की घोषणा की है। रविवार को मंदिर संचालन करने वाले सभी ट्रस्ट पदाधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। अध्यक्ष नरेन्द्र चौहान व सचिव मफतलाल राखेचा ने बताया की मंदिर पूरी तरह बंद है। इस बार मेले का आयोजन नहीं होगा और ना ही मंदिर में किसी जातरू को दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
जैसलमेर कलक्टर ने भी जारी किया लिखित आदेश
जैसलमेर जिला कलक्टर ने भी अगस्त माह की 20 तारीख से होने वाले विख्यात रामदेवरा मेले को कोरोना संक्रमण बढ़ते मामलों के चलते स्थगित करने का लिखित आदेश जारी किया है। जिला कलेक्टर ने आदेश जारी कर बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार गृह विभाग राजस्थान सरकार जयपुर के आदेश की पालना में 31 अगस्त तक धार्मिक स्थल बंद रखने तथा जिला स्तरीय समिति की बैठक में प्राप्त सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए भाद्रपद माह में आयोजित होने वाले अंतरराज्यीय रामदेवरा मेले को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
नहीं होंगे रामरसोड़े संचालित
बाबा रामदेव मेले के दौरान जोधपुर सहित पूरे रामदेवरा मार्ग पर हर साल 300 से ज्यादा नि:शुल्क भण्डारे लगते हैं । बाबा रामदेव समाज सेवा संस्थान के अध्यक्ष करण सिह राठौड़ ने बताया कि इस बार कोई रामरसोड़ा संचालित नहीं होगा और ना ही भक्ति संध्या आयोजित की जाएगी।