
जोधपुर। नागौर जिले में गोटन थाना क्षेत्र में एक युवक ने नाबालिग से बलात्कार ( nagaur rape news ) किया। तीन महीने बाद किशोरी की तबीयत खराब होने पर घरवाले उसे जोधपुर लाए तो जांच में गर्भवती ( rape victim pregnant girl ) होने का पता लगा। देवनगर थाना पुलिस ने किशोरी के पर्चा बयान के आधार पर युवक के खिलाफ जीरो नम्बर की एफआइआर दर्ज की और गोटन थाने से जांच अधिकारी बुलाकर मामला सौंपा।
पुलिस के अनुसार गोटन थाना क्षेत्र की एक किशोरी से क्षेत्र में रहने वाले महेन्द्र जाट पुत्र फरसाराम चौधरी ने तीन माह पूर्व बलात्कार किया था। डर के मारे पीडि़ता ने किसी को जानकारी नहीं दी। तीन माह बाद गत दिनों पीडि़ता की तबीयत खराब होने लगी। परिजन उसे पाल रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए तब पता लगा कि वह गर्भवती है। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर देवनगर थानाधिकारी सरोज बैरवा अस्पताल पहुंची और परिजन से बात कर पीडि़ता के पर्चा बयान लिए। जिसमें उसने महेन्द्र चौधरी पर तीन माह पहले बलात्कार करने का आरोप लगाया। देवनगर थाना पुलिस ने बिना नम्बर की एफआइआर दर्ज की। साथ ही गोटन थाने में सूचना दी। जांच अधिकारी जोधपुर पहुंचा, जहां उसे जीरो नम्बर की एफआइआर सौंपी।
गांव से लौटे पीडि़ता के पिता ने दर्ज कराई दो श्रमिकों पर एफआइआर
वहीं दूसरी ओर जोधपुर के बोरानाडा में फैक्ट्री के दो श्रमिकों ने केबिन से नाबालिग बालिका ( minor girl rape in jodhpur ) का अपहरण कर सामूहिक बलात्कार ( Minor kidnapped and raped ) किया। आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद पीडि़ता ने मां को जानकारी दी। पिता के गांव से लौटने पर बोरानाडा थाने में दोनों श्रमिकों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि मूलत: पाली, हाल बोरानाडा निवासी नाबालिग के पिता ने ओमसिंह राजपुरोहित व नैनाराम के खिलाफ चौदह साल की पुत्री का अपहरण कर सामूहिक बलात्कार ( Minor gang rape ) करने का मामला दर्ज कराया। अपहरण व सामूहिक बलात्कार, पोक्सो व एससी-एसटी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त भूपेन्द्रसिंह को जांच सौंपी गई है। पुलिस ने पीडि़ता के बयान दर्ज कर मेडिकल कराया।
आरोप है कि गत 19 मई की रात दोनों आरोपी केबिन में परिवार के साथ सो रही नाबालिग को उठाकर ले गए और कुछ दूर पर सूनसान जगह दोनों ने उसके साथ बलात्कार किया। बीस मई की सुबह बालिका केबिन लौटी और मां को पूरी जानकारी दी। मां ने फोन कर गांव में पिता को अवगत कराया। दो-तीन बाद पिता गांव से जोधपुर लौटा और मामले की जानकारी ली। फिर पीडि़ता के साथ वह थाने पहुंचा और दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
केबिन में रहता है परिवार
पुलिस का कहना है कि पीडि़ता का पिता औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री के आस-पास चाय व गुटखे का केबिन चलाता है। पत्नी व बच्चों के साथ वह उसी केबिन में रहता है।