
पीपाड़सिटी. मुख्यमंत्री जल स्वालंबन योजना के तहत बने चार हौज घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के कारण एक साल में ये क्षतिग्रस्त होकर अनुपयोगी हो गए है।
शहरी क्षेत्र में इस योजना में तीस लाख रुपए खर्च कर वर्षा जल संग्रहण के लिए राजकीय अस्पताल परिसर में तीन बड़े हौज का निर्माण गत वर्ष ही सार्वजनिक निर्माण विभाग ने ठेकेदार से करवाया था। वहीं बालिका स्कूल में एक हौज का निर्माण करवाया गया। घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की एक
वर्ष में ही इनकी पोल खुलने लगी है। इन हौज में जगह जगह बड़ी दरारें पड़ गई है और पेयजल निकासी के लिए लगाए गए हैण्डपम्प खराब हो गए है।
सरकार की ओर से करवाए जाने वाले निर्माण कार्यो में गारन्टी अवधि की समय सीमा होने के साथ कुछ राशि अमानत के रूप में जमा रखी जाती है, लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते इन हौज के निर्माण की पूरी राशि का भुगतान ठेकेदारों उठा लिया है।
भावी. मुख्यमंत्री जल स्वालंबन योजना के तहत केरिया नाडा पर बनाया गया टांके का कार्य पूरा बता कर वहां पर बोर्ड भी लगा दिया गया परंतु टांके के अंदर अभी तक भी छत के नीचे सपोर्ट के लिए लगाई बलिया हटाई नहीं गई है। टांके में पानी भी है। ग्रामीणों जब इसकी शिकायत अधिकारियों से की तो
उन्होंने आश्वासन देकर किनारा कर लिया। जिससे ग्रामीणों मे रोष है।
बिलाड़ा विकास अधिकारी व इस योजना की मुख्य अधिकारी मृदुला शेखावत से दूरभाष पर जानकारी लेना चाहा गया तो इस टांके का निर्माण के बारे मे कोई जानकारी नहीं होना बता कर बात काट दी।
इनका कहना है
मौके का मुआवना कर संबंधित ठेकेदार को नोटिस देकर अधूरा काम पूरा करवाया जाएगा। इसके बाद ही उसको भुगतान करवाया जाएगा।
- प्रकाशचंद चौहान सहायक अभियंता पीएचईडी बिलाड़ा