
जोधपुर। घर या दुकान बनाते समय सीमेंट और बजरी के विकल्प के तौर पर वैदिक प्लास्टर और ईंट मिलने लगी है। शहर में इसका क्रेज भी काफी बढ़ गया है। इस प्रकार के स्टार्टअप को शहर में लाने वाले राकेश बूचा बताते हैं कि वैदिक प्रकार से बने प्लास्टर व अन्य प्रोडक्ट में जिप्सम मुख्य कंटेंट रहता है। साथ ही इसमें गाय का गोबर, ग्वार गम और नींबू का सत के साथ अन्य प्राकृतिक वस्तुएं मिली होती है। इस प्रकार के प्लास्टर के बने भवनों को न तो तराई की जरूरत होती और न ही बजरी की। यह गीली दीवार पर आसानी से चिपक जाता है। खास बात यह है कि अग्निप्रूफ और वाटर प्रूफ भी है। गोबर व जिप्सम के कारण कमरे का तापमान भी नॉर्मल रहता है। यानि गर्मी में कमरा ठंडा और सर्दी में तापमान ज्यादा कम नहीं होता। गोबर व अन्य प्राकृतिक उत्पाद मिलाकर गमले, वॉल पेंट सहित अन्य नवाचार भी किए गए हैं। रासायनिक कलर का ये बेहतरीन विकल्प साबित हो रहे हैं।