चार साल तक जांच में अटकाए कार्यों की अब जेडीए कर रहा भुगतान की तैयारी
चुनावी साल आते ही सरकार, जोधपुर विकास प्राधिकरण में चल रही सारी जांच निपटाने की तैयारी में है। प्राधिकरण ने जिन कार्यों को जांच के नाम पर चार साल से अटका रखा था, अब उन्हीं का भुगतान करने के लिए प्राधिकरण की ओर से एक नया यूओ नोट जारी हुआ है, जिसमें सभी अधिशाषी अभियंताओं को सरकारी एवं निजी भूमियों पर करवाए गए कार्यों के बिल आवश्यक रूप से वित्त विभाग को भिजवाने के निर्देश जारी किए हैं, हालांकि निर्देश में जांच उपरांत भुगतान लेने के निर्णय के बारे में लिखा है, लेकिन बिना जांच रिपोर्ट आए भुगतान का निर्णय किस आधार पर लिया जाएगा, यह समझ से परे हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार बदलते ही जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में करवाए गए सामुदायिक भवनों के कार्य एवं समाजों के कई कार्यों को गैर योजना में डालते हुए इनके भुगतान रोक दिए थे और इन सभी कार्यों को जांच में डाल दिया था, लेकिन चार साल बाद बिना जांच के निष्कर्ष निकले इन्हें भुगतान के लिए भेजना जोधपुर विकास प्राधिकरण के साथ-साथ सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
आयुक्त ने जारी किया नोट
जांच में अटके कार्यों को लेकर यूओ नोट 26 सितम्बर को जारी किया गया। यूओ नोट के अनुसार समस्त अधिशाषी अभियंताओं को निर्देशित किया गया है कि वे सरकारी एवं निजी भूमियों पर करवाए गए विकास कार्य (सामुदायिक भवन इत्यादि) की पत्रावली मय तैयार बिल निदेशक वित्त को आवश्यक रूप से भिजवाया जाना सुनिश्चित करें, जिससे प्रत्येक प्रकरण की वित्त विभाग द्वारा जांच उपरांत दीपावली से पूर्व ठेकेदारों को भुगतान किया जाने के संबंध में समुचित निर्णय लिया जा सके। साथ ही इस आदेश को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
किसके इशारे पर अटकाए थे
- जानकारों का कहना है कि अब 26 सितम्बर 2017 को जेडीए ने यूओ नोट जारी कर इनके बिल आगे भिजवाएं हैं औ जांच उपरांत निर्णय लेने के निर्देश हैं, यानि इंजीनियर और वित्त विभाग के अफसर अपने स्तर पर निर्णय लेकर इन कार्यों का भुगतान करेंगे तो आखिर चार साल तक इन्हें किसके इशारे पर अटका कर रखा।
सवाल पूछा तो बोले यज्ञ में हूं
निजी एवं सरकारी भूमि पर हुए कार्यों के बिल बनाने संबंधित आदेश को लेकर जब जेडीए आयुक्त दुर्गेश बिस्सा से सवाल-जवाब किए तो बोले कि वे यज्ञ में हैं और यह कहकर इन्होंने फोन काट दिया।