जोधपुर

मासूमों को विटामिन बी-12 की कमी छुड़ा रही ‘धूजणी’

-शिशु भर्ती रोगी में हर पांचवां बच्चा विटामिन बी-12 की कमी वाला और दिमाग पर भी पड़ रहा असर-डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग का शोध
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Oct 12, 2021
मासूमों को विटामिन बी-12 की कमी छुड़ा रही ‘धूजणी’
मासूमों को विटामिन बी-12 की कमी छुड़ा रही ‘धूजणी’

अभिषेक बिस्साजोधपुर. छह माह से अधिक उम्र के बच्चों में विटामिन बी-१२ की कमी सामने आ रही है। इस न्यूट्रिशियन की कमी नौनिहालों को धूजणी छुड़ाने के साथ उनका मानसिक विकास भी रोक रही है। जोधपुर में सामान्य वार्ड में भर्ती हर पांचवें बाल मरीज में बिटामिन बी-१२ की कमी सामने आ रही है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ आचार्य और चाइल्ड न्यूरोलॉजी एक्सपर्ट डॉ. मनीष पारख बताते हैं कि ६ माह से ५ वर्ष तक के ८० बच्चों पर शोध की गई। उनकी मेग्नैटिक रिसोनेंस इमेंजिंग यानी एमआरआइ में पाया गया कि करीब २५ फीसदी बच्चों में विटामिन बी १२ की कमी से उनके दिमाग व अन्य शरीर के हिस्सों पर बुरा असर पड़ा है। इस बीमारी को न्यूट्रिशियन ट्रोमा सिंड्रोम भी कहा जाता है। छह माह बाद पोष्टिक आहार देना करें शुरू

डॉ. पारख ने बताया कि मांए छह माह बाद बच्चों को पोष्टिकता से भरपूर आहार देना शुरू कर दें तो ये समस्या नहीं आएगी। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, खिचड़ी व केला आदि खिला सकती है। इससे काफी हद तक विटामिन बी-१२ की कमी होने से छुटकारा मिल सकेगा।

दिमाग पर पड़ रहा बुरा असर
आज का दौर कंपीटिशन का दौर है, एेसे में पैरेंट्स बच्चों को पढ़ाई, स्पोर्ट्स सहित अन्य एक्टिवीटीज में आगे रखना चाहते है, जबकि हल्की सी चूक बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। विटामिन बी-१२ की कमी से बच्चा मानसिक विकास से पिछडऩा शुरू हो जाता है। ये बच्चे एक बार बैठना शुरू करते हैं तो लंबे समय तक नहीं उठ पाते। इनकी अंगुली में कालापन छा जाता है। बाल पीले पड़ जाते है, ये बच्चे मोटे हो सकते हैं, लेकिन अंदर से कमजोर होते है। इन्हें मिर्गी व ताणे तक आ जाती है। इन बच्चों का दिमाग तक सिकुडऩे लगता है।

क्या है विटामिन बी-१२
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन्स, कार्बोहाइड्रेट्स व फाइबर आदि की आवश्यकता रहती है। शरीर के लिए ज्यादातर आवश्यक तत्वों का पोषण आहार पदार्थों से जाता है। एक विटामिन एेसा है, जो शरीर के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। लेकिन आहार तत्वों में वह पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न होने से ज्यादातर भारतीय लोगों में विटामिन की कमी पाई जाती है। विटामिन बी-१२ को कोबालमीन भी कहा जाता है। ये इकलौता एेसा विटामिन है, जिसमें कोबाल्ट धातु पाया जाता है। ये हमारे स्वास्थ्य व संतुलित कार्य प्रणाली के लिए बेहद आवश्यक विटामिन है।

Published on:
12 Oct 2021 04:21 pm