जोधपुर

सरकारी स्कूलों से तेंदुलकर व ध्यानचंद जैसे खिलाडी बनाना चाहते है शहर के एक युवा दानवीर

सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क स्पोट्र्स सामग्री बांट रहे धीरज
2 min read
Feb 25, 2020
सरकारी स्कूलों से तेंदुलकर व ध्यानचंद जैसे खिलाडी बनाना चाहते है शहर के एक युवा दानवीर
सरकारी स्कूलों से तेंदुलकर व ध्यानचंद जैसे खिलाडी बनाना चाहते है शहर के एक युवा दानवीर

जोधपुर. हौसलें अगर बुलंद हो तो मंजिलें आसान हो जाती हैं। कुछ कर गुजरने का जज्बा अगर हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं होता। कुछ अलग, कुछ नया, जो सबसे अलग हो, ऐसा ही कुछ करने की सोची शहर के धीरज पंवार ने। सपना ऐसा कि चमचमाते स्टेडियम में हजारों की तादाद में लोग गरीब प्रतिभा के लिए तालिया बजाएं, क्योंकि तेंदुलकर व ध्यानचंद जैसों का खेल अभी खत्म नहीं हुआ। आज भी प्रतिभाएं सरकारी स्कूलों में छिपी हुई हैं।

इन्हीं जज्बातों के मद्देनजर धीरज सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क स्पोट्र्स सामग्री बांट रहे हैं। महज २७ वर्ष की उम्र में सरकारी स्कूलों के बच्चों की खेल प्रतिभा निखारने का निर्णय लिया और खेल सामग्री के अभाव में अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पा रहे ऐसे सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए खेल सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया।

९० दिनों में ५० स्कूलों में बांटी सामग्री
धीरज ने बताया कि सरकारी स्कूलों के बच्चे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर व देश का नाम रोशन कर सकते है, लेकिन जरूरत है तो सिर्फ उनके खेल को संवारने की। उन्होंने बताया कि उनकी स्पोट्र्स की शॉप पर सरकारी स्कूल के बच्चे स्पोट्र्स सामग्री खरीदने आते है, कई जने मूल्य अधिक होने पर बिना लिए ही वापस लौट जाते हैं। ऐसे में उनके लिए कुछ करने का विचार आया और स्कूल प्रशासन से बात करके उपयोगी सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि वे अब तक ९० दिनों में ५० स्कूलों में स्पोट्र्स सामग्री वितरित कर चुके हैं। स्कूल प्रशासन भी उनके सराहनीय कार्य को देखते हुए उन्हें प्रशंसा पत्र दे रहे है।

इन स्पोट्र्स आइटम का कर रहे वितरण
उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्कूल को वितरित की जा रही स्पोट्र्स सामग्री का एक पैकेज बनाया है। जिनमें ६-बैडमिंटन, ६-शटल कॉक, १-क्रिकेट बैट, ६-क्रिकेट बॉल, १-फुटबॉल व १-वॉलीबॉल का वितरण नि:शुल्क किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि अब तक ५० स्कूलों में ३००-बैडमिंटन, ३००-शटल कॉक, ५०-क्रिकेट बैट, ३००-क्रिकेट बॉल, ५०-फुटबॉल व ५०-वॉलीबॉल का वितरण किया हैं। साथ ही राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने वाले सरकारी स्कूल के खिलाड़ी के लिए संबंधित खेल की पूर्ण सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी।

साल में दो बार रक्तदान
युवा दानवीर अपने जन्मदिन व गुरू पूर्णिमा पर्व पर सैनाचार्य अचलानंद गिरी की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान करने से कभी नहीं चुकते। अब तक १५ बार रक्तदान कर चुके धीरज साल में दो बार रक्तदान जरूर करते हैं।

Published on:
25 Feb 2020 01:43 pm