
weather update जोधपुर. संभाग के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को मानसूनी बादल छटने के बाद धूप निकल आई। इससे अधिकतम तापमान भी चढ़ने लगा है। हालांकि तेज हवा बहने से गर्मी ने नहीं सताया, लेकिन उमस बरकरार रही। मौसम विभाग के अनुसार अब पांच दिन बाद यानी 3 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय होगा। इस दौरान मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
सूर्यनगरी में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह से ही बादलों की आवाजाही और अत्यधिक नमी के चलते मौसम सुहाना बना रहा। दोपहर को तीखी धूप निकली, लेकिन ठंडी हवा चलने की वजह से गर्मी कम महसूस हुई।अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जिले के ग्रामीण हिस्सों में भी ऐसा ही मौसम रहा। संभाग के अन्य जिलों में भी शुक्रवार को कहीं बरसात नहीं हुई।
पानी से घिरी आबादी पम्पिंग के सहारे
जोधपुर. बारिश तो शहर में थम गई। पानी निकासी भी कुछ हद तक हुई है, लेकिन आफत अब भी बरकरार है। जहां बारिश खत्म होने के कई घंटों बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पाती, वह प्रशासन के लिए चुनौती है। पत्रिका ने ऐसे ही क्षेत्रों में बारिश बंद होने के 36 घंटे बाद हालातों का जायजा लिया, लेकिन जनता अब भी पूरी तरह से राहत महसूस नहीं कर पाई है।
सिस्टम में सुधार की जरूरत
जिन क्षेत्रों में पानी भराव हुआ है, वहां कोई गारंटी नहीं कि अगली बारिश में नहीं होगा। पम्प लगाकर पानी निकासी की प्रथा पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। सरकार, जिला प्रशासन व नगर निगम इन क्षेत्रों में कोई स्थाई समाधान आज तक नहीं देख पाया है।
क्षेत्र जहां सबसे ज्यादा हालत खराब है
रामद्वारा के पीछे व खरबूजा बावड़ी से जुड़े कई क्षेत्रों में पानी का भराव कायम है। कई गलियों में दो से तीन फीट तक पानी भरा है। लोगों के मकानों की नींवों में पानी जा चुका है। स्थानीय लोगों ने धरना दिया तो प्रशासन ने मड पम्प लगाए हैं। लेकिन हालात सामान्य होने में अभी काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
डर्बी कॉलोनी
इस कॉलोनी को काफी हद तक खाली करवाया गया है। लेकिन अब भी पूरी तरह से लोग विस्थापित नहीं हुए हैं। यहां बने क्वार्टर के पीछे बरसाती व सीवरेज पानी का तालाब बनता है। इस बार िस्थति ज्यादा विकट है। दो दिन पहले कुछ लोगों को विस्थापित किया। लेकिन फिर भी खतरा टला नहीं है।
न्यू रूप नगर
इस क्षेत्र में पानी निकासी पूरी तरह से ठप रही। सेना व एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाला तो शुक्रवार को कुछ राहत मिली। लेकिन गली के पिछले छोर में अब भी पानी भरा है। निगम की टीमें लगी हुई रही। पानी निकलने के बाद कीचड़ और लोगों को घरों की नींव में पानी भरने की शिकायत हुई है। आगे बारिश हुई तो यह घटना फिर हो सकती है।
इधर, प्रभारी मंत्री ने मानी तकनीकी खामियां
जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने अतिवृष्टि के बाद आपदा प्रबंधन की बैठक ली तो उसमें भी कई तकनीकी खामियां स्वीकार की और उनको सुधारने के निर्देश दिए। पालासनी पुल के बारे में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करते हुए जिला कलक्टर को निर्देश दिए कि संबंधितों से पुल टूटने के बारे में विस्तृत जानकारी ली जाए व इसमें लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई करें। मीठड़ी नदी पुल के रेस्टोरेशन के प्रस्ताव पेश करने की बात कही। आरटीओ आफिस के पीछे वाले नाले का कार्य पूर्ण करने, शहर की सम्पूर्ण सीवरेज व्यवस्था को दुरस्त करने, खेतानाडी में दो नहरों की सफाई, ड्रेनेज का उपयुक्त प्लान बनाने के निर्देश दिए।