जोधपुर

प्रदेश में बिजली की आधी मांग पूरी कर रही पश्चिम राजस्थान की ग्रीन एनर्जी, ये जिले हैं सबसे आगे

प्रदेश में बिजली की कुल मांग करीब 12 हजार मेगावाट है।
2 min read
green energy corridor
western Rajasthan, Green Energy, solar panels, 50 KW Watt Solar panels, Green Energy Corridor, jodhpur news, jodhpur news in hindi

अविनाश केवलिया/जोधपुर. धोरों की धरा मारवाड़ में बहने वाली हवा और सूर्य की किरणों से उत्पादित ‘ग्रीन एनर्जी’ आज प्रदेश की कुल खपत की करीब आधी बिजली का उत्पादन कर रही है। जोधपुर के साथ जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में करीब 5 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह प्रदेश की कुल खपत का करीब 50 प्रतिशत है। प्रदेश में बिजली की कुल मांग करीब 12 हजार मेगावाट है।

जोधपुर में सोलर एनर्जी और बाड़मेर, जैसलमेर व बीकानेर में विंड एनर्जी ने मारवाड़ को बिजली उत्पादन के क्षेत्र में सक्षम बना दिया है। जोधपुर में पिछले कुछ वर्षों से इतनी बिजली बन रही है कि अपने क्षेत्र को रोशन करने के साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी जगमग कर रहा है। आने वाले साल में मारवाड़ के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर में इतनी बिजली बनने लगेगी कि प्रदेश अपने स्तर पर बिजली मांग पूरी कर सकेगा।


ग्रीन एनर्जी ने बदल दी दशा

जोधपुर सहित मारवाड़ में उत्पादित ग्रीन एनर्जी ने प्रदेश की दशा बदल दी है। जोधपुर में सोलर और बाड़मेर-जैसलमेर में विंड एनर्जी प्रोडक्शन ने मारवाड़ क्षेत्र को बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी कर दिया गया है। अभी सोलर और विंड एनर्जी के दो बड़े प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। निजी क्षेत्र की कंपनियों के यह प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद जोधपुर संभाग में करीब 4 से 5 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली बनने लगेगी। इसके बाद प्रदेश को बाहर से बिजली खरीदने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

यूं समझें बिजली का गणित
- प्रदेश में बिजली की औसतन मांग 10 से 11 हजार मेगावाट है।
- प्रदेश में अभी 7500 मेगावाट के करीब बिजली बन रही है।
- बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर व बीकानेर में ग्रीन एनर्जी से मिलती है 5 हजार मेगावाट बिजली।
- 2.5 से 3 हजार मेगावाट बिजली की आपूर्ति अन्य प्रदेशों से।

जल्द ही बनेंगे पूरे आत्मनिर्भर

‘पश्चिमी राजस्थान प्रदेश की बिजली की आधी जरूरत को पूरा कर रहा है। सोलर व विंड एनर्जी के दो निजी प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद राजस्थान को बाहर से बिजली लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
- बीपी चौहान, मुख्य अभियंता, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड।

Updated on:
08 Feb 2019 11:13 am
Published on:
08 Feb 2019 11:13 am