
जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने शहर में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए अधिसूचित वेंडिंग जोन नहीं बनाने और सरदार मार्केट (sardar market) से अतिक्रमण नहीं हटाने पर जवाब देने के लिए जोधपुर नगर निगम (jodhpur nagar nigam) को चार सप्ताह की मोहलत दी है।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश विनीतकुमार माथुर की खंडपीठ में सरदार मार्केट गिरदीकोट व्यापार संस्था की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान निगम की ओर से अधिवक्ता राजेश पंवार ने प्रत्युत्तर देने के लिए समय मांगा था।
गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका में 5 अक्टूबर, 2015 को जोधपुर नगर निगम को छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स के अलग वेंडिंग जोन बनाने और पानी, बिजली की सुविधा के साथ अस्थायी शेड्स का निर्माण करने को कहा था।
कोर्ट ने ओल्ड स्टेडियम के पास, जेडीए चौराहे के सामने, रातानाडा सब्जी मंडी के पास या किसी भी उपयुक्त स्थान पर वेडिंग जोन बनाने के विकल्प खुले रखे थे।
वेंडिंग जोन घोषित करने के बाद सरदार मार्केट में अनाधिकृत कब्जा करके बैठे वेंडर्स की शिफ्टिंग के निर्देश भी दिए थे।
इसके बाद 4 अक्टूबर, 2016 को सुनवाई के दौरान निगम ने बताया कि एक कंसल्टेंट के माध्यम से शहर के 65 वार्डों में वेंडर्स का सर्वे किया है, जिसके अनुसार इनकी संख्या करीब 6 हजार है।
कोर्ट ने इस सर्वे के आधार पर वेंडिंग जोन की योजना बनाने और उस पर 31 दिसंबर, 2016 तक अमल करने के निर्देश दिए थे।
वर्ष 2016 से लेकर अब तक निगम ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। नतीजतन, सरदार मार्केट में अतिक्रमियों को नहीं हटाया जा रहा।
इसके चलते न केवल सरदार मार्केट का हेरिटेज लुक प्रभावित हो रहा है, बल्कि पर्यटकों व ग्राहकों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।