
जोधपुर. महिला सुरक्षा वर्तमान समय की प्रमुख समस्याओं में गिना जाने लगा है। अवेयरनेस बढऩे के बावजूद ईव टीजिंग और हैरेसमेंट जैसी समस्याओं से हर आयु वर्ग की महिला को सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई मुद्दों पर झिझक के चलते न वह अपनी बात कह पाती है और न ही उसका सामना करने में सक्षम होती है। इन समस्याओं से निपटने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने रक्षक ग्रुप सहायक बन रहा है। ब्लू सिटी के कुछ युवाओं की ओर से 2017 से शुरू की गई इस पहल में आज 480 वॉलंटियर्स जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ग्रुप के फाउंडर राहुल धूत ने अपने दो दोस्त साहिल रामचंदानी और करुणेश भंडारी के साथ मिलकर इस पहल की शुरुआत की है।
निर्भया कांड के बाद आया विचार राहुल ने बताया कि निर्भया कांड के बाद उसे इस प्रकार का ग्रुप बनाने का विचार उपजा था। ग्रुप की ओर से पहला नुक्कड़ नाटक रेप संबंधी घटना पर आधारित था। विभिन्न विषयों पर ग्रुप अब तक 85 शोज सहित रैलियां निकाल चुका है। उसने बताया कि ग्रुप की ओर से छेडख़ानी और सहायता प्रदान करने के 60 मामलों का निराकरण किया गया है। कई मामलों में पुलिस की सहायता भी ली जाती है। इस संबंध में ग्रुप की ओर से हेल्पलाइन नंबर संचालित किया जा रहा है। साथ ही सोशल साइट्स पर अवेयरनेस बढ़ाई जा रही है। इस ग्रुप से जुड़ी जैनी मेहता लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दे रही हैं।
इंस्टीट्यूशन्स में देते हैं जानकारी
रक्षक ग्रुप की ओर से नियमित तौर पर शहर के छोटे-बड़े इंस्टीट्यूशन्स में जाकर अवेयर किया जा रहा है। राहुल ने बताया कि डांसिंग इंस्टीट्यूट्स, कोचिंग सेंट्र्स, क्लब्स, कैफेज व शिक्षण संस्थानों में युवाओं को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पब्लिक इंटरैक्शन में सभी आयु वर्ग को टारगेट किया जाता है। जिससे बड़े-बुजुर्ग भी अपनी जिम्मेदारी समझें। रविवार के सेशन्स में पेरेंट्स को बताया जाता है कि वह अपनी बेटियों की समस्याएं समझें और उनसे निपटने के लिए हौसला प्रदान करें।
देते हैं लीगल सपोर्ट
ग्रुप के मोनिल जोशी ने बताया कि इसका दायरा सिर्फ जागरुकता तक ही सीमित नहीं है। जरूरतमंद लड़कियों को लीगल सपोर्ट भी प्रदान किया जा रहा है। ग्रुप की ओर से आयोजित होने वाले सेमिनार में नमन भंडारी और वह कानून व विधि संबंधित अधिकारों की जानकारी देते हैं। उसने बताया कि फेसबुक व इंस्टा आदि पर एक कमेटी बना रखी है। इससे जुडकऱ भी समस्याएं साझा की जा सकती हैं। ग्रुप की ओर से बालिका विद्यालयों में जाकर सेल्फ डिफेंस आदि की ट्रेनिंग दी जा रही है। स्कूल आदि में एक रिप्रेजेंटेटिव नियुक्त किया जाता है।
लडक़ों को भी कर रहे अवेयर
ग्रुप के नमन भंसाली ने बताया कि यह अवेयरनेस प्रोग्राम सिर्फ लड़कियों तक सीमित नहीं हैं। इसमें लडक़ों को जागरुक करने के साथ समझाया जाता है कि गलत हरकत करने से लड़कियों को किन मानसिक व शारीरिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। लड़कियों की सुरक्षा करने के लिए लडक़ों को भी ट्रिक्स सिखाई जाती हैं। बाल रक्षक पहल में बालकों को बचपन से ही लड़कियों की इज्जत करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ग्रुप के एक्टिव मेंबर्स को मेडल प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाता है। ग्रुप की ओर से ओपन माइक्स का आयोजन करवाया जा रहा है।