
UP Kannauj School Protest FIR: कन्नौज के एक सरकारी स्कूल में बच्चों से प्रदर्शन कराने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि छोटे बच्चों को बिस्किट का लालच देकर और दबाव बनाकर विरोध प्रदर्शन में शामिल कराया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की। जांच में बच्चों के बयान के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि बच्चों को प्रदर्शन के लिए किसने और क्यों उकसाया।
मामला गुगरापुर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय का है। बीते गुरुवार को स्कूल के बच्चों ने विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कराई। जांच के दौरान अधिकारियों ने बच्चों से भी बातचीत की। इसमें कुछ बच्चों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें बिस्किट का लालच दिया गया था। आरोप है कि बच्चों को प्रदर्शन करने के लिए उकसाया गया और कुछ को धमकाया भी गया।
मामले को लेकर समाज कल्याण मंत्री और स्थानीय विधायक असीम अरुण ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में खराबी होने पर आवाज उठाना सही है, लेकिन कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत सरकार को बदनाम करने के लिए छोटे बच्चों को मोहरा बनाया और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं।
असीम अरुण ने कहा कि बच्चों का इस्तेमाल इस तरह की गतिविधियों में करना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में किसी तरह की कमी हो तो उसे सही तरीके से उठाया जाना चाहिए।
जांच में यह बात भी सामने आई कि बच्चों को बहलाकर स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ आरोप लगाने के लिए उकसाया गया। अधिकारियों ने पूरे मामले में स्कूल से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका की आशंका भी जताई है। हालांकि, अभी यह जांच का विषय है कि बच्चों को प्रदर्शन के लिए किसने तैयार किया, उन्हें बिस्किट किसने दिए और इसके पीछे असल वजह क्या थी।
जांच के बाद खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब मामले से जुड़े लोगों की पहचान करने और घटना के पीछे की पूरी वजह पता लगाने में जुटी है। कन्नौज के अलावा प्रदेश के कुछ अन्य जिलों के सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों के प्रदर्शन की घटनाएं सामने आने की बात कही गई है। ऐसे में इस घटना को लेकर विभाग की निगाहें अब जांच के नतीजे पर हैं।
पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बच्चों को प्रदर्शन के लिए किसने उकसाया, बिस्किट देने की बात कितनी सही है और क्या स्कूल से जुड़े किसी व्यक्ति की इसमें भूमिका थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।