खेलकूद और पढ़ने लिखने की उम्र में कन्नौज की दो मासूम बहनों ने इतना खतरनाक कदम उठाया कि सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। जिस उम्र में मासूम बच्चे घर से अकेले निकलने से डरते हैं, उस उम्र में कन्नौज की दो लड़कियां मामूली सी बात पर घर से भाग गईं।
जिस उम्र में मासूम बच्चे घर से अकेले निकलने से डरते हैं, उस उम्र में कन्नौज की दो लड़कियां घर से भाग गईं। उनके भागने की वजह स्कूल न जाना था। वह घर से निकलकर दूसरे शहर पहुंची ही थीं कि पुलिस ने दोनों से उनके मां-बाप और घर का पता पूछा। बचने के लिए दोनों बहनों ने पुलिस को बताया कि उनके माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं। वह दोनों अपनी नानी के घर जा रही हैं। पुलिस ने दोनों को कानपुर स्टेशन से पकड़ा। इसके बाद उनके घर वालों से संपर्क कर उन्हें सौंप दिया।
मां-बाप जिंदा नहीं, चाचा करते हैं परेशान
कन्नौज के गुरसहाय गंज की रहने वाली प्रीति की दो मासूम बच्चियां हैं, जिनके नाम खुशी (5) और रश्मि (3) है। प्रीति के पति छुट्टन सिंह प्राइवेट बस ड्राइवर है। छुट्टन अपनी बच्चियों को पढ़ाने के लिए हर तरह का प्रयास करते रहते हैं। शनिवार को दोनों बच्चों को स्कूल जाने को कहा। मगर, दोनों घर से निकले और कुकुर शाहगंज स्टेशन से ट्रेन पर बैठ कर सीधे कानपुर आ गईं। वहां पुलिस ने उन्हें देखकर शंका जताई तो पूछताछ शुरू कर दी। बच्चों ने बताया कि उनके पिता की तीन वर्ष पहले और मां की एक वर्ष पहले मौत हो गई थी। बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनके पिता की मौत तीन साल पहले और मां की एक साल पहले मौत हो गई थी। घर में चाचा हैं जो उन्हें मारते हैं। इसलिए वह परेशान होकर नानी के घर जा रही थीं।
बच्चों ने पुलिस को बताई सारी हकीकत
कानपुर में रावतपुर स्टेशन पर दोनों बहनें उतर गईं और इधर-उधर भटकने लगीं। पुलिस की पूछताछ पर झूठी कहानी गढ़ी तो पुलिस को उनपर शक हुआ। बच्चों की बातें सुनने के बाद उनके बारे में सूचना किसी ने सखी पुलिस चौकी को दे दी, जहां से आई महिला सिपाही कुसुम भदौरिया दोनों को पुलिस चौकी ले आईं। जब उन्होंने गुरसहायगंज थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी तो पता चला दोनों बच्चियां अपनी पढ़ाई न करने के चक्कर स्कूल से भाग गई थीं, दोनों के मां-बाप जिंदा है। दोनों बच्चियों को उन्हें सौंप दिया गया।