कानपुर

Kanpur News:आर्मी जॉब का झांसा, जेब पर डाका,‘नकली सूबेदार’ का फर्जीवाड़ा बेनकाब

Army Job Scam:कानपुर में आर्मी भर्ती के नाम पर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार हुआ। आरोपी फर्जी दस्तावेज और वर्दी का इस्तेमाल कर युवाओं से पैसे वसूलता था। पुलिस ने कई नकली आईडी, कार्ड और अन्य सामान बरामद किए।

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Apr 18, 2026
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कानपुर। कानपुर में सेना में खेल कोटे से नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को चकेरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को गुमराह कर रहा था। पुलिस को शिकायत मिलने के बाद सक्रिय हुई टीम ने सर्विलांस और मिलिट्री इंटेलिजेंस के सहयोग से आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने यह साफ कर दिया है कि आरोपी सुनियोजित तरीके से युवाओं को निशाना बना रहा था और उन्हें सरकारी नौकरी का लालच देकर बड़ी रकम ऐंठ रहा था।

ऐसे देता था वारदात को अंजाम

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शिवम यादव उर्फ कुणाल सिंह यादव (उम्र करीब 21 वर्ष) निवासी पिपराही, थाना पिपराइच, जनपद गोरखपुर बेहद चालाकी से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह खुद को आर्मी में नायब सूबेदार बताकर भरोसा जीतता और सेना में खेल कोटे से भर्ती कराने का दावा करता था। आरोपी युवाओं को यह यकीन दिलाता कि उसके पास अंदरूनी संपर्क हैं और वह आसानी से चयन करवा सकता है। इसके बाद वह खेल प्रमाण पत्र बनवाने और प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था, जिससे कई लोग उसकी ठगी का शिकार बन गए।

गिरफ्तारी और बरामदगी ने खोले बड़े राज

पुलिस ने आरोपी को शनिवार को नौबस्ता जाने वाले अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 6 एटीएम कार्ड, कई फर्जी आईडी कार्ड, आर्मी कैंटीन कार्ड, डुप्लीकेट दस्तावेज, चार मोहरें और एक इंक पैड बरामद हुआ। इसके अलावा सेना से जुड़े बैज और मेडल भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल वह खुद को असली सैन्यकर्मी साबित करने के लिए करता था। पुलिस को कई फोटो कॉपी सेट, 44 फोटो और वर्दी में खिंचवाई गई तस्वीरें भी मिली हैं, जो इस फर्जीवाड़े के नेटवर्क की गंभीरता को दिखाती हैं।

कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में चकेरी थाना में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना से संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के अन्य साथियों और उसके पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं।

Published on:
18 Apr 2026 06:37 pm