
करौली. जिले के अधिकांश इलाकों में इस बार सावन झूमकर बरसा है। मानसून की मेहरबानी से जिले के सबसे बड़े पांचना बांध सहित अन्य बांध-तालाब छलक उठे। विशेष रूप से महज करीब एक सप्ताह की बारिश के दौर ने ही जिले को तर-बतर कर दिया है।
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वर्ष के मुकाबले अब तक जिले में 263 एमएम बारिश अधिक हो चुकी है। पिछले साल 3 अगस्त तक जिले में कुल 234 एमएम बारिश ही हुई थी, जबकि इस बार झमाझम बारिश के दौर के चलते अब तक 497 एमएम बारिश हो चुकी है। जबकि जिले की कुल औसत बारिश 686 मानी जाती है।
विशेष बात यह है कि कहीं-कहीं तो जिले की कुल औसत बारिश से भी अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि अभी मानसून का लम्बा दौर बाकी है। ऐसे में उम्मीद है कि इस बार जिले में बारिश का आंकड़ा औसत बारिश को भी पार कर सकता है। गौरतलब है कि गत वर्ष जिले में पूरे मानसून के दौरान सामान्य औसत बारिश भी नहीं हो सकी थी, जिससे कई बांध-तालाब भी रीते रह गए थे।
इन स्थानों पर 700 एमएम से अधिक बारिश
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों को देखें तो जिले में अब तक सर्वाधिक बारिश सपोटरा इलाके के कालीसिल बांध क्षेत्र में हुई है, जहां 769 एमएम बारिश हो चुकी है, वहीं मण्डरायल इलाका भी इससे पीछे नहीं है। मण्डरायल क्षेत्र में भी अब तक 732 और श्रीमहावीरजी क्षेत्र में 706 एमएम बारिश हो चुकी है। अभी तक की बारिश को लेकर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लम्बे समय बाद सावन माह के पहले सप्ताह तक इतनी अधिक बारिश हुई है।
जिले में यहां सबसे कम बारिश
पिछले दिनों में जिले में बारिश का दौर तो झमाझम चला है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अन्य इलाकों की तुलना में कम बारिश दर्ज की गई। टोडाभीम इलाके में अभी तक 210 एमएम , नादौती क्षेत्र में 284 एमएम और हिण्डौन इलाके में 287 एमएम बारिश हुई है। हालांकि हिण्डौन क्षेत्र के जगर बांध पर 385 एमएम बारिश हो चुकी है।
अब तक कहां कितनी बारिश
स्थान बारिश (एमएम)
करौली 558
सपोटरा 573
हिण्डौन 287
टोडाभीम 210
श्रीमहावीरजी 706
मण्डरायल 732
नादौती 284
कालीसिल बांध 769
पांचना बांध 472
जगर बांध 385
इनका कहना है
जिले में अब तक करीब 497 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक करीब 234 एमएम बारिश हुई थी। इस प्रकार इस वर्ष जिले में गत वर्ष के मुकाबले 263 एमएम बारिश हो चुकी है। अभी मानसून का लम्बा दौर बाकी है।
सुशीलकुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता,जल संसाधन विभाग, करौली