करौली

‘मरने के बाद मुझे खुश करना चाहते हों तो टीचरों को जेल करवा देना’… शिक्षकों की पिटाई से आहत छात्र ने की आत्महत्या

'मैं पत्र लिख रहा हूं, मेरे मां और पिता के लिए। वो मेरी मृत्यु के बाद मुझे खुश करना चाहते हों तो बाबूलाल बैरवा और शहंशाह को तीन साल जेल करवा देना।' यह सुसाइड नोट नवीं कक्षा के छात्र 14 वर्षीय छात्र अंकित का है।
less than 1 minute read
Nov 19, 2025
Feature image
फोटो पत्रिका नेटवर्क

गुढ़ाचंद्रजी (करौली)। 'मैं पत्र लिख रहा हूं, मेरे मां और पिता के लिए। वो मेरी मृत्यु के बाद मुझे खुश करना चाहते हों तो बाबूलाल बैरवा और शहंशाह को तीन साल जेल करवा देना।' यह सुसाइड नोट नवीं कक्षा के छात्र 14 वर्षीय छात्र अंकित का है। जिसने अपने टीचरों की पिटाई से आहत होकर जान दे दी।

मृतक छात्र के पिता मदन सिंह गुर्जर ने थाने में आरोपी शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिसके अनुसार अंकित गुढ़ाचंद्रजी के कमला शिक्षण संस्थान (केबीएसएस) में पढ़ता था। मंगलवार को विद्यालय में संस्था प्रधान भीम सिंह मीणा, शिक्षक बाबूलाल बैरवा व शहंशाह शेख ने उसकी पिटाई की और प्रताड़ित किया।

छात्र के शरीर पर कई चोट के निशान थे। घर पर छात्र ने मां फोरन्ता देवी को शिक्षकों द्वारा पिटाई के बारे में बताया। शाम करीब 5.30 बजे उसने सुसाइड नोट लिखकर घर के पीछे आत्महत्या कर ली। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में दो शिक्षकों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

परिजन-ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

मृतक के पिता मदन सिंह गुर्जर ने बताया कि अंकित पढ़ने में मेधावी था। वह कक्षा आठ तक प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुआ। घटना से गुस्साए परिजन व ग्रामीणों ने बुधवार सुबह पुलिस चौकी व अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने स्कूल की मान्यता निरस्त करने व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

Updated on:
19 Nov 2025 08:56 pm
Published on:
19 Nov 2025 08:46 pm