कमीशन में खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी पर शिकंजा, सरगना के खिलाफ देशभर में दर्ज हैं 54 एफआइआर, दुबई में मिल रही लोकेशन, बिलहरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर फ्रॉड की रकम को खातों में लगाते थे ठिकाने का खुलासा
कटनी। साइबर ठगी के बड़े मामले में बिलहरी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। देशभर में लोगों ने साथ होने वाली ऑनलाइन ठगी की को ठिकाने लगाने वाले धोखाधड़ी के आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। मामले में करीब 4.26 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है, जिससे जिले में हडक़ंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि जिले में धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई की जा रही है। थाना कुठला एवं बिलहरी चौकी पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
बिलहरी चौकी प्रभारी सुयश पांडेय ने बताया कि मामले में रोशन नगर निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आर्यवत शिक्षा समिति के खाते में डोनेशन दिलाने के नाम पर जीशान नामक व्यक्ति ने एक्सिस बैंक का खाता प्राप्त कर उसमें 4.26 करोड़ रुपए का फर्जी लेनदेन किया। शिकायत के आधार पर थाना कुठला में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। बता दें कि यह रकम लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी की रकम को ठिकाने लगाते थे। इन खातों का उपयोग कर अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
विवेचना के दौरान संबंधित बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच करते हुए पुलिस टीम मुंबई पहुंची और पूनम नगर, अंधेरी ईस्ट निवासी 25 वर्षीय अभिषेक नार्कर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसे उसके साथी प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार द्वारा मोबाइल के माध्यम से साइबर फ्रॉड का काम करने के लिए लगाया गया था। इसके एवज में उसे मासिक भुगतान किया जाता था। हफ्ते में 15 हजार व एक माह में 60 हजार रुपए मिलते थे। मोबाइल में फारवर्डेड एप के माध्यम से खाते में साइबर फ्रॉड की रकम डाली जाती थी।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अब्दुल सत्तार और प्रशांत पद्मने के खिलाफ देशभर में करीब 54 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। दोनों वर्तमान में फरार हैं और उनके विदेश, विशेषकर दुबई में होने की जानकारी मिली है। इनके खिलाफ मुंबई पुलिस द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है। बता दें कि जिले में कई ऐसे मामले हैं, जिनकी पुलिस डिटेल खंगाल रही है। अबतक इस धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मो. जीशान, विकास तिवारी, चॉल्स रॉड्रिक को जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी अभिषेक नार्कर को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की गहन जांच जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेंद्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक दामोदर राव, प्रधान आरक्षक संतोष प्रजापति एवं आरक्षक लव उपाध्याय की भूमिका रही।
बिलहरी चौकी में दर्ज 4.26 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। यह कमीशन में खाते लेकर ऑनलाइन ठगी की रकम को ठिकाने लगाते थे। दो अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश कराई जा रही है।