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योजना-17 जमीन सौदे में कैमोर नपा अध्यक्ष को नोटिस, कलेक्टर ने गठित की जांच टीम

नगर निगम की अधिग्रहित जमीन की खरीद-फरोख्त पर प्रशासन सख्त, सात दिन में कलेक्टर ने रिपोर्ट मांगी, पुलिस ने खरीदार-विक्रेताओं को तलब किया

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कटनी

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Balmeek Pandey

Apr 07, 2026

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एक शब्द बोलकर छोड़ दी नौकरी (PC: AI)

कटनी. नगर सुधार न्यास (अब नगर निगम) की अधिग्रहित जमीनों की खरीद-फरोख्त के मामले में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। योजना क्रमांक-17 (ग्राम बरगवां, जबलपुर रोड) की विवादित जमीन के सौदों को लेकर एक ओर माधवनगर पुलिस ने खरीदारों और विक्रेताओं को नोटिस जारी किया है, वहीं कलेक्टर आशीष तिवारी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन कर दिया है। नगर निगम आयुक्त तपस्या की अध्यक्षता में गठित इस जांच टीम में एडीएम, एसडीएम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। कलेक्टर ने टीम को निर्देश दिए हैं कि सात दिन के भीतर पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इधर, माधवनगर पुलिस द्वारा जारी नोटिस से हडक़ंप मच गया है। पुलिस ने विक्रेता पैट्रिक रॉबर्ट डन और खरीदारों पलक ग्रोवर, गगन ग्रोवर, हरीश वतनानी और दिलीप वतनानी को नोटिस भेजकर जमीन की खरीदी-बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पलक ग्रोवर कैमोर नगर परिषद की वर्तमान अध्यक्ष हैं, जिससे मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है। सभी संबंधितों को थाने में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने होंगे।

योजनाओं के लिए अधिग्रहित हुई थीं जमीनें

बताया जाता है कि नगर सुधार न्यास ने वर्षों पहले शहर के विकास और आवासीय योजनाओं के लिए इस जमीन का अधिग्रहण किया था। भूस्वामियों को मुआवजा भी दिया गया, हालांकि कई मामलों में यह आंशिक रहा। योजनाएं भले मूर्त रूप नहीं ले सकीं, लेकिन जमीन अब भी निगम के अधिग्रहण में दर्ज है। इसके बावजूद कथित रूप से इन जमीनों की खरीद-फरोख्त जारी रही, जिससे भूमाफियाओं की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।नगर निगम भी इस मामले में पहले से सतर्क रहा है। निगम ने जिला पंजीयक को पत्र लिखकर योजना-17 की जमीन के पंजीयन पर रोक लगाने की मांग की थी और एसडीएम को सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक सीमांकन नहीं हो सका है।

यह है मामला

मामले की पृष्ठभूमि भी बेहद उलझी हुई है। वर्ष 1991 में इस जमीन को अधिग्रहण से मुक्त करने का निर्णय लिया गया था, जिसे 1993 में निरस्त कर दिया गया। उसी वर्ष हाईकोर्ट ने जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए, जो आज भी प्रभावी बताए जाते हैं। बाद में 2006 में राज्य शासन ने भी स्पष्ट कर दिया कि 1991 की एनओसी वैधानिक नहीं थी। इसके बावजूद हाल के वर्षों में जमीन के सौदे होते रहे। आरोप है कि 2025 में पैट्रिक रॉबर्ट डन द्वारा कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन के कई टुकड़े बेच दिए गए, जिनमें कैमोर नपा अध्यक्ष सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।

इनका कहना

योजना क्रमांक-17 की जमीन के विक्रय की जांच के लिए समिति बनाई गई है। समिति को सात दिनों में जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

आशीष तिवारी, कलेक्टर

नगर सुधार न्यास योजना क्रमांक-17 की जमीन विक्रय के प्रकरण की जांच की जा रही है। खरीदारों व विक्रेता को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है।

संजय दुबे, थाना प्रभारी, माधवनगर