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खाई जैसी सड़क पर बना एसडीएम कार्यालय, बुजुर्गों के साथ दिव्यांगों के लिए दफ्तर बना ‘मुश्किलों का पहाड़’

अमकुही इंडस्ट्रियल एरिया में सुविधाओं की अनदेखी, दिव्यांगों-बुजुर्गों को भारी परेशानी खड़ी चढ़ाई से वाहन भी जवाब दे रहे, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल, मार्ग को ठीक कराने चार माह बाद नहीं हुई कोई पहल, प्रशासनिक अधिकारी भी नहीं दे रहे ध्यान, जनप्रतिनिधियों को नहीं कोई सरोकार

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कटनी

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Balmeek Pandey

Apr 06, 2026

Sdm office katni

Sdm office katni

कटनी. अमकुही की पहाड़ी स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में हाल ही में निर्मित एसडीएम सह तहसील कार्यालय आम जनता के लिए सुविधा का केंद्र बनने के बजाय परेशानी का कारण बन गया है। करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए इस भवन तक पहुंचने के लिए बनाई गई सडक़ इतनी खड़ी और खाईनुमा है कि यहां तक पहुंचना आम लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिस कार्यालय में रोजाना सैकड़ों लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए आते हैं, वहां तक पहुंचने के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान नहीं रखा गया। सडक़ की ढलान इतनी अधिक है कि चार पहिया और दो पहिया वाहन आसानी से चढ़ नहीं पा रहे हैं। कई बार तो वाहन बीच रास्ते में बंद हो जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। वाहन पीछे की ओर फिसलने का जोखिम हर समय लोगों को डराता है।

इनके लिए गंभीर परेशानी

इस समस्या का सबसे अधिक खामियाजा साइकिल सवारों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को उठाना पड़ रहा है। दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर या ट्राइसाइकिल से इस मार्ग पर चढऩा लगभग असंभव है। उन्हें मजबूरी में किसी के सहारे या काफी मशक्कत के बाद ही कार्यालय तक पहुंचना पड़ता है। इससे न केवल उनकी गरिमा प्रभावित होती है, बल्कि शासन की ‘सुगम्यता’ की मंशा पर भी सवाल खड़े होते हैं।

दिव्यांग ने उठाई यह मांग

दिव्यांग सेवानिवृत्त शिक्षक मार्तंठ सिंह और दिव्यांग संदीप रजक का कहना है कि कार्यालय निर्माण के समय ही सडक़ की ढलान और पहुंच मार्ग को ध्यान में रखा जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि अधिकारी अपनी सुविधानुसार तो वाहन से आराम से पहुंच जाते हैं, लेकिन आम नागरिकों, खासकर दिव्यांगों और बुजुर्गों की परेशानियों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

स्लीप व बैक होते हैं वाहन

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार पुराने और छोटे वाहन इस चढ़ाई पर चढ़ ही नहीं पाते। दो पहिया वाहन चालकों को भी काफी जोखिम उठाना पड़ता है, विशेषकर महिलाओं को इस मार्ग पर भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो सकती है, जब सडक़ फिसलन भरी हो जाएगी। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इसी परिसर में एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय और नायब तहसीलदार कार्यालय संचालित हो रहे हैं, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद इस गंभीर समस्या की अनदेखी समझ से परे है।

सामान्य हो ढलान

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सडक़ के ढलान को सामान्य किया जाए और वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग विकसित किया जाए, ताकि आमजन बिना परेशानी के कार्यालय तक पहुंच सकें। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह न केवल जनअसंतोष को बढ़ाएगा, बल्कि किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।