
कटनी. नगर परिषद कैमोर में दो अफसरों के बीच सीएमओ की कुर्सी पर बैठने का मामला शांत नहीं हो रहा है। शुक्रवार को प्रभारी सचिव की बैठक में हिस्सा लेने कटनी आईं सीएमओ स्नेहा मिश्रा वापस कैमोर पहुंची तो पता चला सीएमओ की कुर्सी पर राजस्व उपनिरीक्षक संजय समुद्रें बैठे हैं। इसके बाद से दोनों अधिकारियों के बीच सीएमओ का प्रभार लेने को लेकर विवाद गहरा गया।
जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 9 फरवरी को तबादला सूची जारी की गई थी। जिसमें नगर परिषद हिंडोरिया के प्रभारी सीएमओ संजय समुद्रे को कैमोर का सीएमओ बनाया गया था। स्नेहा मिश्रा को खरगोन जिले की बड़वाह नगर परिषद का सीएमओ बनाया। सरकार के इस आदेश पर स्नेहा मिश्रा हाईकोर्ट चली गईं। स्थगन ले लिया और फिर से सीएमओ का कामकाज देखने लगी। इस पूरे मालमे में राजस्व उपनिरीक्षक की सीएमओ पद पर पदस्थापना को भी गलत बताया गया। मप्र नगर पलिक निगम 1956 मप्र नगर पालिक अधिनियम 1961 के तहत नगर निगम का कर्मचारी नगर परिषद अथवा पालिका में कार्य नहीं करने की बात कही गई।
इधर नगर परिषद कैमोर सीएमओ का पदभार ग्रहण करने के बाद राजस्व उपनिरीक्षक संजय समुदें्र ने सीएमओ कक्ष में लगे ताले को तुड़वाने के लिए थाना प्रभारी कैमोर को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि पूर्व सीएमओ स्नेहा मिश्रा द्वारा कक्ष में ताला लगा दिया गया है। जिससे शासकीय व जनहित के कार्य बाधित हो रहे है। विकास कार्यो का सुचारू रूप से संचालन के लिए 3 अगस्त को सुबह 11 बजे कक्ष क्रमांक -2 का ताला तुड़वाया जाना है। जिसमें पुलिस बल की मौजूदगी जरूरी है।
-अभ्यावेदन बनाकर सरकार को भेजा गया है। वहां से जो निर्णय होगा उसका पालन करूंगी। फिलहाल विभाग द्वारा मुझे सीएमओ की कुर्सी छोडऩे का कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
स्नेहा मिश्रा, सीएमओ कैमोर।
-जिम्मेदारों से चर्चा करने व मौखिक निर्देश पर संजय समुद्रें को सीएमओ का प्रभार दिया गया है। स्नेहा मिश्रा को अपना अभ्यावेदन दिया है, सरकार से जो निर्णय होगा वह स्वीकार होगा।
गणेश राव, नगर परिषद अध्यक्ष कैमोर।
-सरकार यदि उनका आदेश जारी कर देती है तो मैं कुर्सी छोड़ दूंगा। मैंने अध्यक्ष को आवेदन दिया था। मैं पहले से ही ज्वाइन हूं। अध्यक्ष ने वरिष्ठ अफसरों से राय लेकर मुझे सीएमओ की कुर्सी पर बिठाया है।
संजय समुद्रें, नगर परिषद कैमोर सीएमओ।
-मैंने कुछ नहीं कहा है। अध्यक्ष से सिर्फ मेरी इतनी ही बात हुई थी कि कोर्ट का जो निर्णय है। उसके आधार पर विधिक राय लेकर कार्रवाई करें।
सतेंद्र सिंह, ज्वाइन डॉयरेक्टर नगरीय प्रशासन विभाग।