
government school children video, वीडियो बनाकर स्कूल की बदहाली बताते बच्चे (Source-Patrika)
Katni Government School: मध्यप्रदेश के कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत पाली में स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति को वहां पढ़ने वाले बच्चों ने सभी के सामने लाकर रख दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने स्कूल की बदहाली और अव्यवस्थाओं से परेशान होकर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए हैं। इन वीडियो में स्कूल की कक्षाओं में भरे पानी और छत से टपकते पानी को दिखाया है जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय पाली के जो वीडियो वहां पढ़ने वाले बच्चों ने बनाए हैं उसमें बच्चों ने बताया है कि किस तरह से छत से टपकते पानी और गीली टेबल-बेंचों पर बैठकर उन्हें पढ़ाई करनी पड़ती है। एक वीडियो में तो कक्षा में पानी भरा हुआ नजर आ रहा है। इतना ही नहीं वीडियो में बच्चे ये भी कह रहे हैं कि प्रिंसिपल वीडियो बनाने से मना करते हैं, साथ ही बच्चे ये भी कह रहे हैं कि प्रिंसिपल सर ने बताया था कि कलेक्टर तक फॉर्म पहुंचा दिए गए हैं लेकिन दो महीने होने के बावजूद कोई बदलाव नहीं आया है।
स्कूल की समस्याओं को लेकर छात्र ये भी बता रहे हैं कि वो पंचायत के सरपंच सचिव के पास भी गए थे लेकिन न तो कार्यालय में सरपंच मिले और न ही सचिव। बच्चों का कहना है कि हर वक्त डर सताता रहता है कि कभी कोई हादसा न हो जाए। बच्चों ने अपनी समस्याएं और स्कूल की बदहाली वीडियो में दिखाने के साथ ही ये भी अपील की है कि ये वीडियो जिम्मेदारों तक पहुंचे तो वो जरुर कार्रवाई करें।
विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। स्कूल के शौचालय की हालत भी बेहद खराब बताई जा रही है। जर्जर और बदहाल शौचालय के कारण विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। विद्यालय में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है, लेकिन पाली स्कूल की स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। इसका एक वीडियो भी छात्रों ने बनाया है।
जर्जर भवन और बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की स्थिति में किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके का निरीक्षण कर स्कूल भवन की स्थिति का तत्काल जायजा लें। आवश्यकतानुसार भवन की मरम्मत अथवा वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनकी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो।
Updated on:
04 Sept 2026 08:24 pm
Published on:
04 Sept 2026 08:20 pm
