
Katni CSP Neha Pachisia: नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत पर 29 को सुनवाई (फोटो सोर्स- Patrika and Neha Pacchisia Instagram)
Neha Pachisia : कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया की सांसें 29 अगस्त तक अटकी रहेंगी। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर फैसले के लिए यही दिन मुकर्रर किया है। तब तक नेहा पच्चीसिया पर गिरफ़्तारी की तलवार लटकी रहेगी। वे अभी फरार हैं। तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया और उनके करीबी बताए जा रहे क्षितिजराज बारापात्रे की अग्रिम जमानत याचिका पर न्यायालय में बहस पूरी नहीं हो सकी। अब अगली सुनवाई पर सभी की नजर है। वहीं जेल में बंद आरोपियों को सुरक्षा कारणों से दूसरी जेल भेजे जाने के न्यायालयीन निर्देश के बाद मामले में सुरक्षा व्यवस्था भी जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर भ्रष्टाचार मामले में एफआइआर हुई थी। इसके बाद सीएम मोहन यादव के सख्त रुख पर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।
मामले में मंगलवार को सुरक्षा से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। जेल में बंद और सीएसपी से जुड़े प्रकरण के फरियादी बताए जा रहे रमेश लोधी, आकाश लोधी और सतीश पटेल को सुरक्षा कारणों से कटनी जेल से अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने का निवेदन न्यायालय के समक्ष किया गया।
न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को कटनी कारागार के अलावा किसी अन्य कारागार में रखे जाने के लिए संबंधित जेल प्रशासन को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अब जेल प्रशासन स्तर पर इन्हें दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रकरण में कथित तौर पर आरोपियों को राहत दिलाने के नाम पर नेहा पच्चीसिया द्वारा की गई सौदेबाजी के आरोपों से जुड़े मामले में मंगलवार को भी कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। इसके चलते न्यायालय ने मामले में आगे की बहस के लिए 29 अगस्त की तारीख तय की है। अब दोनों की अग्रिम जमानत पर अगली सुनवाई में फैसला आने की संभावना है।
अग्रिम जमानत याचिका पर बहस पूरी नहीं होने के बाद अब 29 अगस्त की तारीख महत्वपूर्ण हो गई है। अधिवक्ताओं के अनुसार न्यायालय में होने वाली अगली सुनवाई में तत्कालीन सीएसपी और क्षितिजराज बारापात्रे की अग्रिम जमानत पर बहस पूरी होने के बाद फैसला आने की पूर्ण संभावना है। फिलहाल एक तरफ न्यायालय में अग्रिम जमानत की सुनवाई जारी है, दूसरी तरफ एसआईटी ने जांच का दायरा दस्तावेजों, बयानों और डिजिटल साक्ष्यों तक बढ़ा दिया है। एसआईटी उन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दे रही है, जिनसे कथित सौदेबाजी के आरोपों की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।
Updated on:
26 Aug 2026 07:31 am
Published on:
26 Aug 2026 07:30 am
