CG News: देशभर में बाघों की वास्तविक संख्या जानने के लिए शुरू हो रहे ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन 2026 से पहले कवर्धा वनमंडल में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
CG News: देशभर में बाघों की वास्तविक संख्या जानने के लिए शुरू हो रहे ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन 2026 से पहले कवर्धा वनमंडल में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को काष्ठागार सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर जंगल में उतरने वाले अमले को फील्ड स्तर की बारीकियां समझाई गईं।
12 जनवरी से कवर्धा वनमंडल के जंगलों में टाइगर एस्टीमेशन का फेज-1 शुरू होने जा रहा है जिसमें बाघों के साथ-साथ अन्य वन्यप्राणियों की मौजूदगी के संकेतों का वैज्ञानिक तरीके से रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को एम.स्ट्राइप मोबाइल एप के जरिए पैरों के निशान, मल, खरोंच और अन्य साक्ष्यों की एंट्री, लोकेशन टैगिंग और डेटा अपलोडिंग की प्रक्रिया समझाई गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार गणना पूरी तरह तकनीक आधारित होगी, जिससे किसी भी स्तर पर मनमानी या अनुमान की गुंजाइश नहीं रहेगी। कार्यक्रम में भोरमदेव अभयारण्य की अधीक्षक, परिक्षेत्र अधिकारी, प्रशिक्षु वनक्षेत्रपालों सहित संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार, कवर्धा वनमंडल के सभी परिक्षेत्रों में गणना कार्य के लिए अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई र्ह। प्रशिक्षु वनक्षेत्रपालों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है ताकि भविष्य में वन्यजीव प्रबंधन को लेकर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार हो सके। इस बार भोरमदेव अभयारण्य पर विशेष फोकस रहेगा, जहां पिछले वर्षों में बाघों की गतिविधियों के संकेत मिले हैं। प्रशिक्षण में मौजूद अधिकारियों ने माना कि एस्टीमेशन के आंकड़े आने के बाद संरक्षण रणनीति और फोर्स की तैनाती को लेकर अहम फैसले लिए जाएंगे।