सरकार स्कूलों में विशेष अभियान के तहत जाति प्रमाण-पत्र बना रही है। प्रधान पाठकों ने जमा किया आवेदन, खंडवा, हरसूद, पुनासा, खालवा क्षेत्र के एसडीएम ऑफिस में धीमे काम 200 से अधिक आवेदनों में नियमों का भी पेंच
सरकार स्कूलों में विशेष अभियान के तहत जाति प्रमाण-पत्र बना रही है। प्रधान पाठकों ने जमा किया आवेदन, खंडवा, हरसूद, पुनासा, खालवा क्षेत्र के एसडीएम ऑफिस में धीमे काम 200 से अधिक आवेदनों में नियमों का भी पेंच
चालू शैक्षणिक सत्र में सरकारी स्कूलों में जाति-प्रमाण पत्र बनाए जाने के विशेष अभियान की गति कछुआ चाल से भी धीमी है। तहसीलों में एसडीएम कार्यालयों में टेबल पर सात हजार से अधिक बच्चों के आवेदन लंबित हैं। प्रमाण-पत्र जारी करने में खंडवा, खालवा, पंधाना और पुनासा ब्लाक क्षेत्र के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) फिसड्डी हैं। ऐसे में सरकार का विशेष अभियान बच्चों के लिए बेमानी है।
पहली कक्षा के 8 हजार 244 बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाना है। विशेष अभियान के दौरान अब तक 3810 प्रमाण पत्र स्कूलों को मिले हैं। इसमें पिछले शैक्षणिक सत्र के भी आवेदन शामिल हैं। प्रधान पाठकों ने जुलाई से अब तक प्रधान लोक सेवा केंद्र के माध्यम से 7331 से अधिक बच्चों के आवेदन एसडीएम कार्यालयों में आवेदन जमा किया है। अधिकारियों की शिथिलता के चलते जाति प्रमाण पत्र के आवेदन लंबे समय से लंबित हैं। अभियान के दौरान आवेदनोें की प्रक्रिया संबंधित स्कूलों के प्रधान पाठक पूरी कर रहे हैं। इसके बाद भी एसडीएम कार्यालय स्तर पर आवेदन लंबित हैं।
ब्लाक लंबित
बलडी 311
छैगांव मा. 560
हरसूद 247
खालवा 2200
खंडवा 1500
पंधाना 1696
पुनासा 1075
कुल 7589
अन्य पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र वर्ष 1984 के नियम को आधार मानकर प्रक्रिया पूरी होती है। इस अवधि में आवेदक के पिता व पूर्वज संबंधित तहसील क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है। एससी-एसटी में वर्ष 1950 को आधार माना है। इन दोनों के अवधि से पहले जिस क्षेत्र में पूर्वज निवासी हैं उसी क्षेत्र की तहसील के एसडीएम जाति प्रमाण जारी करेंगे।
स्कूली बच्चों के प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं। जिन आवेदनों में दस्तावेज की प्रक्रिया अधूरी है। उनके लंबित हैं। दस्तावेज पूर्ण होते ही प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जो लंबित हैं उन्हें जल्द जारी किए जाएंगे।