शहर में जलापूर्ति को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। एक बार फिर निगम और विश्वा कंपनी आमने-सामने आ गई है। एक फरवरी से निगम अपने हाथों में लेकर संचालन करेगा। निगम ने कागजी प्रक्रिया शुरू की है। निगम की 11 सदस्यीय टीम ने सर्किट हाउस से चारखेड़ा तक इन्फ्रास्ट्रक्चर का परीक्षण कर वीडियो तैयार किया है।
शहर में जलापूर्ति को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। एक बार फिर निगम और विश्वा कंपनी आमने-सामने आ गई है। एक फरवरी से निगम अपने हाथों में लेकर संचालन करेगा। निगम ने कागजी प्रक्रिया शुरू की है। निगम की 11 सदस्यीय टीम ने सर्किट हाउस से चारखेड़ा तक इन्फ्रास्ट्रक्चर का परीक्षण कर वीडियो तैयार किया है।
निगम ने टेकओवर की शुरु की कागजी प्रक्रिया
निगम और विश्वा कंपनी के बीच नर्मदा जल प्रदाय का एमओयू वर्ष 2034 तक था। लेकिन 2026 में ही खत्म हो गया। अब अप्रेल से नर्मदा जल का प्रदाय सीएमआई कंपनी करेगी। निगम ने हैंडओवर और टेकओवर की कागजी प्रक्रिया शुरू की है। अप्रेल से अमृत-2 का संचालन करने वाली संस्था सीएमआर को जल प्रदाय की व्यवस्था सौंपने की तैयारी में है।
जल प्रदाय ढांचा का तैयार किया पंचनामा
निगम की 11 सदस्यीय टीम ने नर्मदा जल प्रदाय का ढांचा का पंचनामा तैयार किया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को कैमरे में कैद किया है। सर्किट हाउस परिसर में टीम ने जल प्रदाय की व्यवस्थाओं को देखा और पंचनामा तैयार किया। पूरे ढांचा का वीडियो ग्राफी व फोटो ग्राफी कराई गई। चारखेड़ा में टीम को नौ पंप में से चार चालू मिले। मौजूद कर्मचारियों के साथ पंचनामा तैयार किया।
विश्वा कंपनी का 2034 तक था अनुबंध
-विश्वा कंपनी ने शहर में नर्मदा जल प्रदाय करने वर्ष 2034 तक अनुबंध था। वर्ष 2009 से कंस्ट्रक्शन के बाद 2013 से नर्मदा जल प्रदाय शुरू किया था। वर्ष 2026 के पहले माह में ही अनुबंध खत्म हो गया। कुल मिलाकर पूरी योजना 24 माह के अनुबंध था। लेकिन 12 साल में ही अनुबंध खत्म हो गया। योजना हैंडओवर की अंतिम तिथि 31 जनवरी-2026 मुकर्रर है।