MP Weather Update : नौतपा के पहले दिन खरगोन जिले के अधिकतर इलाकों में अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरु हो गई। इस दौरान चने के आकार के ओले भी गिरे। बमनाला, चिरिया, भगवानपुरा, काटकूट इलाके हुए प्रभावित।
Khargone News :मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नौतपा के पहले ही दिन सोमवार शाम को कई अचानक मौसम बदलों और तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरु हो गई। हालांकि इससे पहले दिन की सुबह सूरज ने तीखे तेवर दिखाए। सुबह 8 बजे के बाद ही सूर्य की तपिश ऐसी महसूस होने लगी मानो आसमान से आग बरस रही हो। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। दोपहर होते - होते सड़कें वीरान हो गईं, बाजारों की रौनक गायब हो गई और लोग घरों में कैद होने को मजबूर दिखे।
लेकिन, शाम करीब 5 बजे के बाद जिले का मौसम बदला और बमनाला समेत कई क्षेत्रों में आंधी बारिश के साथ चने आकार के ओले गिरने लगे। चिरिया इलाके में तेज आंधी चली। इससे जनजीवन बूरी तरह प्रभावित हो गया। भगवान पुरा में धूलभरी हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। काटकुट इलाके में भी बूंदाबांदी हुई।
नौतपा के पहले दिन अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले के बमनाला इलाके में नौतपा के पहले दिन सोमवार शाम करीब 5 से 6 के बीच लगभग 1 घंटे तक आंधी तुफान के साथ ओलावृष्टि और बारिश हुई। हालांकि, राहत की बात ये रही कि, मौसम बिगड़ने के बावजूद क्षेत्र में कोई जनहानी की खबर सामने नहीं आई है, जबकि इस बे मौसम की बारिश से नालियां चौक होने से रास्तों में पानी जरूर भर गया।
इधर चिरिया में भी नौतपा के पहले दिन तेज आंधी - तूफान ने पहाड़ी अंचल में तबाही मचा दी। ग्राम पंचायत कुड़ी निवासी चप्पाल नाहार सिंग का मकान पूरी तरह नष्ट होकर जमींदोज हो गया। मकान के साथ घर का सामान, अनाज और खाने - पीने की चीजें भी खराब हो गईं। परिवार सामान संभाल ही रहा था कि, तेज बारिश ने बचा कुचा अनाज और राशन भी गीला कर बर्बाद कर दिया। घटना की जानकारी तुरंत ग्राम पंचायत सचिव और पटवारी को दी। चप्पाल ने बताया कि, अब नुकसान का पंचनामा बनवाकर राजस्व विभाग में आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन करेंगे।
काटकूट में भी रोहिणी नक्षत्र के पहले दिन सोमवार को अचानक काले बादल छा गए। दोपहर करीब तीन बजे बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। ठंडी हवाएं चलने से लोगों ने तपन भरी गर्मी से राहत की सांस ली। ये सिलसिला शाम तक जारी रहा। खेतों में कपास और मक्का की बुवाई कर रहे किसानों को उम्मीद बंधी है कि अब भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। वृद्धजनों का कहना है कि, अगर रोहिणी नक्षत्र में बारिश होती है तो इस दौरान कम बारिश की संभावना है। यानी रोहिणी के गलने पर बरसात खंडित रहेगी। फिलहाल, यहां बादलों की आवाजाही अब भी बनी हुई है।