
Body Donation (निधन के बाद मां ने बेटे का देह चिकित्सा शिक्षा के लिए किया दान Photo Source- Input)
Khargone News : अपनों से बिछड़ने का दर्द किी भी परिवार के लिए असहनीय ही होता है, लेकिन इसी पीड़ा के बीच अगर कोई परिवार समाज के लिए प्रेरणा बन जाए तो वो संवेदना की नई मिसाल पेश कर देता है। ऐसी ही एक मिसाल पेश की गई मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के अंतर्गत आने वाले बड़वाह की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में, जहां रहने वाले संजय पाठक के निधन के बाद उनके परिजन ने उनकी पार्थिव देह चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए दान कर मानवता का ऐसा ही अनुकरणीय संदेश दिया है।
इस पूरे मामले में सबसे भावुक पल उस समय देखने को मिला, जब मृतक संजय पाठक की बुजुर्ग मां ने बेटे के सिर पर स्नेह से हाथ फेरते हुए उसे अंतिम विदाई दी। उस दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
बताया जा रहा है कि, संजय पाठक लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले एक सप्ताह से कोमा में चले गए थे। इसी बीच रविवार को उनका निधन हो गया। शोक की इस घड़ी में परिवार की सहमति के बाद इंदौर स्थित अरविंदो अस्पताल से आई एंबुलेंस उनकी पार्थिव देह को चिकित्सा संस्थान लेकर रवाना हो गई। उल्लेखनीय है कि, पाठक परिवार में ये देहदान का चौथा मामला है, जो समाज के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
इस अवसर पर बड़वाह थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौड़ पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पुलिस ने दिवंगत संजय पाठक को गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजन के इस निर्णय की सराहना की।
शासकीय चिकित्सालय बड़वाह के प्रभारी डॉ. यशवंत इंगला ने कहा कि, देहदान चिकित्सा विज्ञान के लिए अमूल्य योगदान है। इससे मेडिकल विद्यार्थियों को व्यावहारिक अध्ययन का अवसर मिलता है और शोध कार्यों को नई दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि, ऐसे निर्णय न सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र को समृद्ध करते हैं, बल्कि समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं।
Updated on:
22 Jun 2026 07:13 am
Published on:
22 Jun 2026 07:13 am
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