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पत्नी रोकती रही पर नहीं माने, नर्मदा में डूब गए 30 साल के अर्पित हाड़ा, महेश्वर में शुरु हुई सर्चिंग

Narmada River Maheshwar -महेश्वर में हुआ हादसा, इंदौर के युवक को ढूंढने सोमवार को सुबह होते ही फिर तलाश शुरु की, पत्नी-भाई के सामने तेज बहाव में हुआ था गायब
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Search operation for Arpit Hada in the Narmada River resumes in Maheshwar

Search operation for Arpit Hada in the Narmada River resumes in Maheshwar

Maheshwar- महेश्वर में एक दर्दनाक हादसा हुआ। सहस्त्रधारा घाट पर पत्नी के सामने ही पति नर्मदा में डूब गए। इंदौर के 30 वर्षीय युवक
अर्पित हाड़ा नहाने के लिए उतरे थे पर तेज बहाव में बह गए और कुछ ही सेकेंड में डूब गए। नर्मदा में स्नान के दौरान पत्नी उन्हें आगे जाने से मना कर रही थीं। बताया जा रहा है कि अचानक अर्पित का पैर फिसल गया और वे तेज बहाव में बहते चले गए। कुछ ही देर में डूब गए। रविवार शाम को हुए इस हादसे के तुरंत बाद युवक को ढूंढने का अभियान प्रारंभ कर दिया गया था लेकिन वह नहीं मिले। सोमवार को सुबह होते ही अर्पित की तलाश फिर शुरु कर दी गई है। हादसे के बाद पुलिस ने नर्मदा स्नान करनेवाले श्रद्धालुओं से बेहद सावधान रहने की अपील की है। जिला कलेक्टर द्वारा नर्मदा घाटों व जलाशयों में सुरक्षा मानकों के बिना नौकायन व वाटर स्पोर्ट्स पर जून में ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इसके बावजूद सहस्त्रधारा में जोखिमभरा स्नान खुल्लमखुल्ला जारी है।

इंदौर के निपानिया के अर्पित हाड़ा परिवार के साथ महेश्वर आए थे। पूरे परिवार ने महेश्वर में दर्शन किए। इसके बाद सभी लोग सहस्त्रधारा पहुंच गए। यहां अर्पित स्नान के लिए नर्मदा में उतर गए। पत्नी की मनाही के बीच वे हादसे का शिकार हो गए और नर्मदा में बहकर डूब गए।

शाम करीब 5 बजे यह दुर्घटना घटी। पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों ने अर्पित को बचाने की गुहार लगाई। कई लोग मदद के लिए दौड़े भी लेकिन तेज बहाव को देखते हुए नर्मदा में उतरने की किसी की ​भी हिम्मत नहीं हुई।

सोमवार सुबह फिर शुरु की सर्चिंग

हादसे की महेश्वर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस, होमगार्ड और गोताखोरों ने मौके पर पहुंचकर अर्पित की तलाश शुरु की।
थाना प्रभारी जगदीश गोयल ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने आसपास के इलाकों में पूरी नदी खंगाल ली। अंधेरा होने पर सर्चिंग रोकनी पड़ी। सोमवार सुबह जैसे ही उजाला हुआ, दोबारा सर्च ऑपरेशन प्रारंभ कर दिया गया।

जलकोटी-सहस्त्रधारा इलाके में नर्मदा का बहाव बहुत तेज है। यहां नदी बहुत गहरी है और पथरीले टापू भी हैं। पर्यटकों और श्रद्धालुओं का यहां स्नान करना बेहद जोखिम भरा है। ऐसे में पुलिस ने जलकोटी-सहस्त्रधारा क्षेत्र सहित अन्य जगहों पर गहराई में जाने से बचने की अपील की है।

पुलिस ने बताया कि रविवार शाम हो हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू शुरु कर दिया गया था और रात तक अर्पित को ढूंढा लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस, होमगार्ड और गोताखोरों ने सोमवार सुबह फिर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।