अगले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ( next West Bengal Assembly elections) को देखते हुए प्रदेश भाजपा ( state BJP ) के सांगठनिक परिवर्तन (organizational change ) की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही नए प्रदेश अध्यक्ष ( new state president.) के चयन (selection ) को लेकर पार्टी के अंदर मंथन चल रहा है।
पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व इस बार कुछ रणनीतिकार संस्थाओं से बंगाल में सांगठनिक परिवर्तन करने के लिए भी गुपचुप सर्वे करवा रहा है। इसमें विधानसभा चुनाव से पहले नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन भी शामिल है। अब तक पार्टी विभिन्न चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए विभिन्न संस्थाओं से सर्वे करवाती रही है।
अगले प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और स्वपन दासगुप्ता सहित अन्य नाम शामिल हैं। नए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के साथ ही सर्वे रिपोर्ट का असर जिला और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक बदलाव पर भी पडऩे की संभावना है।
चयन को लेकर अंतिम निर्णय पीएम नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह लेंगे। भाजपा सूत्रों ने बताया कि रणनीतिकार संस्थाओं की सर्वे रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय पहुंच गई है और उनका विश्लेषण शुरू हो गया है। जरूरत पड़ी तो शाह प्रदेश के भाजपा नेताओं को दिल्ली बुलाकर चर्चा करेंगे और चयन किए गए नामों की अंतिम फाइल मोदी को भेजी जाएगी। बंगाल भाजपा के संगठन की देखरेख की जिम्मेवारी शाह के पास है। पार्टी नेताओं ने बताया कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सांगठनिक रद्दबदल करने के लक्ष्य साधने के लिए ही मोदी और शाह संगठन को आकार देने के लिए राज्य में पार्टी के केन्द्रीय पर्यवेक्षकों से अधिक रणनीतिकार संस्थाओं की रिपोर्ट पर अधिक भरोसा कर रहे हैं।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने पत्रिका को बताया कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह पूरे साल बंगाल में विभिन्न रणनीतिकार और सर्वे करने वाली संस्थाओं को सक्रिय रखा है। प्रदेश भाजपा के नेताओं के एक वर्ग ने दावा किया है कि 2021 और 2024 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन में रणनीतिकार संस्थाओं के सर्वेक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका थी। अगले बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन में इन संस्थाओं की सर्वे रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता नेता ने पत्रिका को बताया कि बंगाल में भाजपा के लिए कई संस्थाएं काम कर रही हैं। इनमें अहमदाबाद और कर्नाटक की रणनीतिकार संस्था बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर नियमित रूप से अमित शाह को रिपोर्ट भेजती है। फिर उसकी जांच-पड़ताल के बाद खास रिपोर्ट नरेंद्र मोदी के पास भेजी जाती है। भाजपा सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक की संस्था ने बंगाल में भाजपा के संगठनात्मक बदलाव के बारे में सलाह दी है।